जंग के सातवें दिन इजरायल ने ईरान को बड़ी चोट पहुंचाई है. इजरायल ने ईरान के 6 बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्चर को तबाह कर दिया है. इजरायली सेना ने इस स्ट्राइक का वीडियो जारी किया है. इजरायली एयर फोर्स ने ये कार्रवाई रात को अंजाम दिया है. इन मिसाइल लॉन्चरों से ईरान इजरायल पर लगातार हमले कर रहा था.
इसके अलावा इजरायल ने तीन एडवांस्ड ईरानी डिफ़ेंस सिस्टम नष्ट कर दिए गए.
इजरायली सेना ने इस अटैक का वीडियो जारी किया है. ब्लैक एंड व्हाइट इस वीडियो में ईरान ने अपने बैलेस्टिक लॉन्चर ट्रक में छिपाकर रखे थे. इस वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक धमाका होता है और पूरा मिसाइल लॉन्चर तबाह हो जाता है.
टाइम्स ऑफ इजरायल ने इस स्ट्राइक की डिटेल जानकारी दी है.
इजरायल और US के मिलिट्री चीफ़ ने गुरुवार को कहा कि देशों के एयरस्ट्राइक ने ईरान के मिसाइल खतरे को खत्म करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है और चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में हमला और तेज होगा. ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमले इजरायल और खाड़ी देशों के लिए मुसीबत बन चुके हैं.
IDF चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल ज़मीर ने कहा कि हमलों की लहरों ने ईरान के 80 परसेंट एयर डिफ़ेंस और 60 परसेंट मिसाइल लॉन्चर तबाह कर दिए हैं, हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि “खतरा अभी टला नहीं है.”
अधिकारियों ने कहा कि उनके बोलने के कुछ घंटे बाद सेंट्रल इज़राइल पर एक नए बैलिस्टिक मिसाइल हमले में आग लग गई और नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ.
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के हेड एडमिरल ब्रैड कूपर, जो मिडिल ईस्ट में US सेना को लीड करते हैं, ने कहा कि युद्ध के पहले दिन से ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों में 90% की कमी आई है, जबकि ड्रोन हमलों में 83% की कमी आई है.
कूपर ने कहा कि B-2 बॉम्बर्स ने गुरुवार देर रात दर्जनों 2000 पाउंड के पेनेट्रेटर बम गिराए, जिनका निशाना गहराई में दबे बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर थे. अमेरिका ने ईरान की मिसाइल बनाने की जगहों को भी निशाना बनाया है.
इजरायल की सेना ने पहले कहा था कि उसने जमीन के ऊपर सैकड़ों ईरानी मिसाइल लॉन्चर को निशाना बनाया है जो इजराइली शहरों को निशाना बना सकते थे.
रॉयटर्स के अनुसार हवाई अभियान के आने वाले दूसरे चरण में जमीन के नीचे दबे बैलिस्टिक मिसाइलों और उपकरणों को स्टोर करने वाले बंकरों को निशाना बनाया जाएगा.
बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट होने से क्या होगा?
बैलेस्टिक मिसाइल लॉन्चर नष्ट होने से ईरान की हमला करने की क्षमता कम हो गई है, क्योंकि लॉन्चर मिसाइलों को फायर करने का मुख्य माध्यम हैं. इससे इजरायल और खाड़ी देशों को रणनीतिक लाभ मिला है, और ईरान अब बचाव की स्थिति में है। मिसाइल लॉन्च की संख्या घट रही है.
ईरान पहले बड़े पैमाने पर एक साथ कई मिसाइलें फायर कर सकता था, लेकिन अब लॉन्चरों की कमी से यह सीमित हो गया है.उदाहरण के लिए, फरवरी 2026 में ईरान ने इजरायल पर कई सैल्वो फायर किए, लेकिन उनकी संख्या घटती गई क्योंकि लॉन्चर लगातार नष्ट हो रहे थे. इजरायली वायुसेना ने 700 से अधिक सॉर्टी (उड़ानें) कर 500 से ज्यादा लक्ष्यों को हिट किया, जिसमें लॉन्चर शामिल थे.
इजरायल का डिफेंस सिस्टम जैसे आयरन डोम, डेविड स्लिंग और एरो पहले से मजबूत हैं. कम लॉन्चरों से ईरान कम मिसाइलें फायर कर पाएगा, जिससे इंटरसेप्शन आसान हो जाएगा.
इजरायल जो कि ईरान से 2000 किलोमीटर दूर हे, उस पर हमले के लिए ईरान को मध्यम-लंबी दूरी की मिसाइलों जैसे घदर-1 या खैबर शेकन) की जरूरत है. लेकिन इनके लॉन्चर और स्टॉक नष्ट होने से क्षमता घट गई है. इजरायल अब ईरान के एयरस्पेस पर हावी है.
ईरान का जवाबी हमला
ईरान ने शुक्रवार सुबह एक बार फिर से खाड़ी देशों पर हमले किए. ईरान का निशाना वो बेस थे जहां अमेरिकी सेना मौजूद है.
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