भारत अब अपनी सेनाओं को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. लंबे समय से मांग हो रही संयुक्त थिएटर कमांड (Joint Theatre Commands) को लागू करने की तैयारी तेज हो गई है. यह सुधार सेना, नौसेना और वायुसेना को एक साथ मिलाकर एकीकृत कमान बनाने का काम करेगा. यानी तीनों सेनाएं अलग-अलग नहीं बल्कि एक ही कमांडर के अधीन काम करेंगी. यह बदलाव भारत की सैन्य ताकत को बहुत बढ़ाएगा और दुश्मन के सामने बेहतर तैयारी करेगा.
यह भी पढ़ें: ईरान पर हमले की धमकी दे रहा पाकिस्तान का ये दोस्त मुल्क… क्या उसके पास इतनी सेना है?
ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध से सबक लेते हुए भारत तैयार हो रहा
मध्य पूर्व में चल रहे ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध से भारत ने बहुत कुछ सीखा है. इस युद्ध में हवाई हमलों और ड्रोन-मिसाइलों की संख्या बहुत ज्यादा है. ऐसे में भारत अपनी हवाई रक्षा और कमांड सिस्टम को मजबूत कर रहा है. इसी क्रम में तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल के लिए इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (IACCS) विकसित किया जा रहा है. यह सिस्टम ग्राउंड रडार, हवाई चेतावनी विमान (AEW&C) और फाइटर जेट्स से आने वाले डेटा को एक जगह इकट्ठा करेगा और पूरी हवाई स्थिति का एक साफ नक्शा दिखाएगा.
ग्रुप कैप्टन अनुपम बनर्जी ने क्या कहा
पूर्व फाइटर पायलट और वायुसेना के पूर्व प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन अनुपम बनर्जी ने इंडिया टुडे को बताया कि रूस-यूक्रेन युद्ध हो या अब ईरान युद्ध – भारत हर बदलती स्थिति से सीख रहा है. खासकर एयर डिफेंस के मामले में तीनों सेनाओं के लिए एक ही स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत के पास पहले से ही कई सिस्टम मौजूद हैं लेकिन अब उन्हें और एकीकृत किया जा रहा है ताकि कोई गलती न हो.
यह भी पढ़ें: न बादल फटा, न ग्लेशियल झील… धराली हादसे का असली कारण अब पता चला
IACCS क्या है और यह कैसे काम करेगा
IACCS एक बहुत उन्नत और ऑटोमेटिक कमांड-कंट्रोल नेटवर्क है. यह भारत के लिए एक संयुक्त हवाई रक्षा कवच (एयर डिफेंस शील्ड) बनाएगा. इस सिस्टम से…
- खतरे की तुरंत पहचान होगी.
- दुश्मन के हवाई हमले को जल्दी नाकाम किया जा सकेगा.
- फ्रेंडली फायर (अपनी ही सेना पर गलती से हमला) की घटनाएं रुकेंगी.
ईरान युद्ध में अमेरिकी F-15 फाइटर जेट्स की क्रैश जैसी घटनाओं से बचने के लिए ही यह सिस्टम बनाया जा रहा है. IACCS आर्मी के अकाशतीर सिस्टम से भी जुड़ेगा ताकि तीनों सेनाओं में पूरी तरह तालमेल रहे.
कौन बना रहा है और कब तैयार होगा?
यह सिस्टम भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) बना रहा है. BEL भारत की सबसे बड़ी डिफेंस कंपनी है जो रडार और कमांड सिस्टम में माहिर है. IACCS को 2026 तक पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य है. एक बार यह काम कर गया तो भारतीय वायुसेना (IAF) किसी भी हवाई खतरे का बहुत तेज और प्रभावी जवाब दे सकेगी.
यह भी पढ़ें: इजरायल की 7 लेयर एयर डिफेंस को भेदने वाली ईरान की ‘खोर्रमशहर-4’ मिसाइलें, बरपा रहीं कहर
संयुक्त थिएटर कमांड और IACCS का बड़ा फायदा
संयुक्त थिएटर कमांड से भारत की सेनाएं अब क्षेत्रीय आधार पर काम करेंगी. जैसे उत्तरी थिएटर में चीन के खिलाफ, पश्चिमी थिएटर में पाकिस्तान के खिलाफ – एक ही कमांडर तीनों सेनाओं को नियंत्रित करेगा. IACCS इस कमांड को हवाई हिस्से में और मजबूत बनाएगा. इससे…
- फैसले तेज होंगे.
- संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल होगा.
- दुश्मन के सामने एकजुट ताकत दिखेगी.
- यह सुधार भारत को आधुनिक युद्ध के लिए तैयार कर रहा है जहां हवाई, जमीन और समुद्री ताकत एक साथ काम करती है.
भविष्य में क्या होगा
भारत की सेनाएं अब दुनिया के बड़े युद्धों से सीख रही हैं. अपनी कमजोरियों को दूर कर रही हैं. IACCS और संयुक्त थिएटर कमांड जैसे कदम भारत को न सिर्फ मजबूत बनाएंगे बल्कि पड़ोसी देशों को भी संदेश देंगे कि भारत की रक्षा व्यवस्था अब बहुत उन्नत हो गई है. 2026 तक IACCS चालू होने पर भारत की हवाई सुरक्षा दुनिया की सबसे बेहतरीन में शुमार हो जाएगी.
—- समाप्त —-

