More
    Home Home ‘शांति वार्ता विफल होने के लिए ईरान जिम्मेदार’, आजतक से बोले इजरायल...

    ‘शांति वार्ता विफल होने के लिए ईरान जिम्मेदार’, आजतक से बोले इजरायल के पूर्व PM नेफ्ताली बेनेट

    0
    6
    ‘शांति वार्ता विफल होने के लिए ईरान जिम्मेदार’, आजतक से बोले इजरायल के पूर्व PM नेफ्ताली बेनेट


    मिडिल ईस्ट में पूर्ण युद्ध जैसे हालात बन गए हैं. अमेरिका और इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान पर हमला कर दिया. इसके जवाब में ईरान और उसके सहयोगियों- हिज्बुल्लाह और हूती ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल पर 70 से अधिक मिसाइलें दागीं. इधर ईरान ने कुवैत, यूएई, कतर व बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले किए. दुबई और अबू धाबी में भी अमेरिकी सैन्य अड्डों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं. 

    इजरायली और अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान में एक साथ 30 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें राष्ट्रपति आवास, सुप्रीम लीडर का कार्यालय और प्रमुख सरकारी इमारतें शामिल हैं. हालांकि ईरान ने कहा कि दुश्मन के हमलों में अयातुल्लाह अली खामेनेई और मसूद पेजेशकियान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है. इस बीच इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नेफ्टाली बेनेट ने ईरान पर तीखा हमला बोलते हुए शांति वार्ता की विफलता के लिए तेहरान को जिम्मेदार ठहराया है.

    यह भी पढ़ें: धू-धूकर जलीं गाड़ियां…. देखें ईरान में इजरायल-अमेरिकी हमले की खौफनाक तस्वीर

    उन्होंने ईरान मिसाइल हमलों के बीच बम शेल्टर के अंदर से इंडिया टुडे से बातचीत की. नेफ्टाली बेनेट ने कहा, ‘इजरायल में लेफ्ट, राइट, सेंटर और विपक्ष पूरी तरह सरकार के साथ एकजुटता से खड़ा है. ईरान को ऐसे परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइलें हासिल नहीं करने दी जाएंगी, जो इजरायल, यूएई, अमेरिका और भारत को निशाना बना सकें.’ उन्होंने कहा, ‘यदि ईरान परमाणु हथियार विकसित करने की योजना छोड़ दे तो शांति अब भी संभव है. इजरायल का लक्ष्य केवल ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है, न कि सत्ता परिवर्तन. हालांकि ईरान की जनता के पास इस व्यवस्था को बदलने का अवसर है.’

    यह भी पढ़ें: ‘ट्रंप ने असली रंग दिखा दिया’, US-इजरायल के ईरान हमले पर रूस का बयान

    दूसरी ओर ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत अमेरिकी हमलों को सही ठहराते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा था, जो अमेरिका और अन्य देशों के लिए खतरा बन सकती हैं. उन्होंने तेहरान को चेतावनी देते हुए कहा, ‘हथियार डालो या निश्चित तौर पर मौत का सामना करो.’ वहीं इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ‘ऑपरेशन रोरिंग लॉयन’ (Operation Roaring Lion) पर कहा कि यह कार्रवाई ईरान से पैदा हो रहे ‘अस्तित्वगत खतरे’ को खत्म करने के लिए की गई है.

    —- समाप्त —-



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here