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    पिता से टकराव, कैंसर से जंग! युवराज सिंह की कहानी दिखाने को बेताब एक्टर, कहा- 2019 से…

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    पिता से टकराव, कैंसर से जंग! युवराज सिंह की कहानी दिखाने को बेताब एक्टर, कहा- 2019 से…


    एक्टर सिद्धांत चतुर्वेदी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ को लेकर चर्चा में हैं. इसमें उनके साथ मृणाल ठाकुर हैं, और ये फिल्म 20 फरवरी को रिलीज होगी. इसके प्रमोशन दौरान उन्होंने अपने ड्रीम रोल के बारे में बात की. जो कई सालों से उनके दिल के करीब है. जब उनसे पूछा गया कि वो किस क्रिकेटर की बायोपिक में मुख्य भूमिका निभाना चाहेंगे, तो उनका जवाब तुरंत और बिना किसी हिचकिचाहट के था- भारतीय क्रिकेट के दिग्गज युवराज सिंह.

    युवराज बनने को बेकरार सिद्धांत

    सिद्धांत, युवराज सिंह के फैन हैं. उनकी जिंदगी से वो बहुत इंस्पायर फील करते हैं. उन्होंने कहा कि वो बायोपिक करने को बिल्कुल तैयार  हैं. वो हमेशा इसे करने को रेडी हैं. 

    सिद्धांत ने कहा- मैं 2019 से ही ये बात कहता आ रहा हूं और आज भी कह रहा हूं, और चाहता हूं कि एक दिन ये सच हो- युवराज सिंह. क्योंकि उनका सफर कमाल का रहा है, एक रोलरकोस्टर की तरह. मैंने उनके हर मैच में उन्हें पसंद किया है और सराहा है. उनका खेल, उनकी लाइफस्टाइल, और जिन मुश्किलों और दुखद हालातों का उन्होंने सामना किया. वो एक आइकन हैं, और दुनिया को उनकी कहानी जाननी चाहिए.

    सिद्धांत का क्रिकेट से जुड़ी कहानियों से नाता उनके करियर की शुरुआत में ही जुड़ गया था. उन्होंने Inside Edge में काम किया. इस सीरीज में उन्होंने क्रिकेट की दुनिया के अंधेरे और जटिल पहलुओं को दिखाया था. इसके बाद वो फोन भूत, गहराईयां और खो गए हम कहां जैसी फिल्मों में भी नजर आए.

    बात करें, युवराज सिंह की तो वो क्रिकेट के महान प्लेयर में गिने जाते हैं. क्रिकेट फील्ड से तो उनके किस्सों ने हैरान किया ही है, साथ ही उनकी पर्सनल लाइफ भी खूब चर्चा में रही है. उनके पिता योगराज सिंह ने उन्हें ट्रेन किया था. उनके साथ युवराज के रिश्ते अच्छे नहीं रहे. पिता के मां से अलग होने के बाद उन्होंने काफी कुछ झेला. वहीं उनकी हेजल कीच संग लव स्टोरी भी मिसाल के तौर पर दी जाती है. 

    हाल ही में सिद्धांत ने बॉलीवुड में अपने 10 साल पूरे किए. उन्होंने माना कि वो नेटवर्किंग या पीआर करने में कभी खास अच्छे नहीं रहे. वो अपने काम को ही अपनी पहचान बनाने का जरिया मानते हैं.

    उन्होंने कहा- मैं नेटवर्किंग और पीआर में अच्छा नहीं हूं. मुझे नहीं पता खुद को कैसे पेश किया जाए. क्या मेरा काम ही लोगों को मेरी सच्चाई बताने का तरीका नहीं है? खुद को भ्रष्ट होने से बचाने का एक ही तरीका है- ये समझना कि भ्रष्टाचार क्या है. मैं कहीं से आया हूं, मैंने सब देखा है. मुझे लगता है कि मासूमियत, सादगी, असलियत और मिनिमलिज्म आने वाले 15 सालों में जिंदगी का नया तरीका होंगे. हमने दुनिया को जानकारी से भर दिया है और अब हर कोई सुपरस्टार है.

    —- समाप्त —-



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