More
    Home Home EV Fire: तीन साल में 23,865 हादसे… 26 बार लगी आग! सरकारी...

    EV Fire: तीन साल में 23,865 हादसे… 26 बार लगी आग! सरकारी आंकड़ों ने खोली इलेक्ट्रिक कारों की पोल

    0
    6
    EV Fire: तीन साल में 23,865 हादसे… 26 बार लगी आग! सरकारी आंकड़ों ने खोली इलेक्ट्रिक कारों की पोल


    Electric vehicle fire accidents: सड़क पर दौड़ती इलेक्ट्रिक कार. न इंजन की गड़गड़ाहट, न धुएं की बदबू. सब कुछ बिल्कुल शांत लगता है. लेकिन इसी खामोशी के पीछे एक ऐसी कहानी चल रही है, जो आपको बेचैन कर सकती है. सरकारी रिकॉर्ड बताते हैं कि बीते 3 साल में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े हजारों हादसे हुए हैं. कहीं अचानक टक्कर, कहीं धुएं के बाद आग, और कहीं सवालों की लंबी कतार. सवाल यह नहीं कि इलेक्ट्रिक वाहन कितना किफायती है, सवाल यह है कि जो गाड़ी भविष्य का सपना दिखा रही है, क्या वह आज की सड़कों पर उतनी सुरक्षित भी है, जितनी बताई जा रही है.

    पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग ईवी को एक सस्ता और इकोफ्रेंडली ऑप्शन मान रहे हैं. सरकार भी EV को लगातार बढ़ावा दे रही है, ताकि पारंपरिक फ्यूल (पेट्रोल-डीजल) पर निर्भतरता कम हो. लेकिन जितनी तेजी से इनकी लोकप्रियता बढ़ी है, उतनी ही तेजी से इनके हादसों के मामले भी सामने आए हैं. जिसके चलते नुकसान और जोखिमों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. खास तौर पर ईवी की सेफ्टी को लेकर सवाल लगातार उठ रहे हैं.

    तीन साल में हजारों हादसे

    केंद्रीय भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से शेयर किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन सालों में देश के अलग अलग राज्यों में इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े कुल 23,865 सड़क हादसे दर्ज किए गए हैं. इनमें से 26 मामलों में वाहन में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं. यह जानकारी भारी उद्योग राज्य मंत्री भूपतिराजू श्रीनिवास वर्मा ने लोकसभा में लिखित जवाब के जरिए दी है.

    कहां से आया यह डेटा

    यह पूरा आंकड़ा सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पोर्टल से लिया गया है. इस पोर्टल पर 14 नवंबर 2022 से इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग से जानकारी दर्ज की जाने लगी थी. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में ईवी से जुड़े 5,594 हादसे हुए, जिनमें 8 आग की घटनाएं शामिल थीं. साल 2024 में हादसों की संख्या बढ़कर 7,817 हो गई और इसमें 9 मामलों में आग लगी. वहीं 2025 में 10,454 हादसे दर्ज किए गए और इस साल भी 9 आग की घटनाएं सामने आईं.

    साल EV से जुड़े हादसों की संख्या आग की घटनाएं
    2023 5,594   8
    2024  7,817 9
    2025 10,454
    कुल   23,865   26

    इन आंकड़ों में इस साल की घटनाएं शामिल नहीं हैं. हाल ही में महिंद्रा की एक इलेक्ट्रिक कार में भी आग लगने का मामला सामने आया था. 

    इन घटनाओं की असली वजह समझने के लिए सरकार ने एक्सपर्ट्स की एक जांच टीम बनाई. इस टीम में डीआरडीओ, आईआईएससी बेंगलुरु और नेवल साइंस एंड टेक्नोलॉजिकल लैबोरेटरी विशाखापत्तनम के इंडिपेंडेंट एक्सपर्ट्स शामिल थें. इन एक्सपर्ट्स ने इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने और हादसों के कारणों की गहराई से जांच की.

    बैटरी सेफ्टी नियमों में बड़ा बदलाव

    एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की सेफ्टी को बेहतर करने के लिए कई अहम कदम उठाए. ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड में बदलाव करते हुए 28 सितंबर 2022 को नए तकनीकी नियम जारी किए गए. इन नियमों के तहत दो पहिया, चार पहिया, पैसेंजर व्हीकल और सामान ढोने वाले इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली ट्रैक्शन बैटरी के लिए सख्त स्टैंडर्ड तय किए गए. ये नए नियम 1 दिसंबर 2022 से लागू हो चुके हैं.

    इसके अलावा 19 दिसंबर 2022 को सरकार ने एक और नोटिफिकेशन जारी किया, जिसमें सभी तरह के इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कंफॉर्मिटी ऑफ प्रोडक्शन नियम जरूरी कर दिए गए. इसका मतलब यह है कि ई-रिक्शा, क्वाड्रिसाइकिल, दो पहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर वाहन तय सेफ्टी स्टैंडर्ड पर खरा उतरे.

    सरकार ने साफ किया है कि भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण या इस्तेमाल को रोकने का कोई प्रस्ताव नहीं है. सरकार का फोकस सेफ्टी रूल्स को और मजबूत बनाने और जांच प्रक्रिया को सख्त करने पर है. इसका मकसद इलेक्ट्रिक वाहनों को सुरक्षित बनाना, प्रदूषण कम करना और पेट्रोल डीजल पर देश की निर्भरता घटाना है.

    —- समाप्त —-



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here