More
    Home Home Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर सुबह इतने बजे से पहले कर...

    Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर सुबह इतने बजे से पहले कर लें स्नान, बीत न जाए ये शुभ घड़ी

    0
    7
    Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर सुबह इतने बजे से पहले कर लें स्नान, बीत न जाए ये शुभ घड़ी


    Makar Sankranti 2026: 15 जनवरी यानी कल मकर संक्रांति है. मकर संक्रांति पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते ही उत्तरायण के हो जाते हैं. उत्तरायण काल को देवताओं के दिन कहा जाता है. शास्त्रों के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान करने से बहुत पुण्य मिलता है. इस दिन लोग पवित्र नदी और सरोवरों में आस्था की डुबकी लगाते हैं और सामर्थ्य के अनुसार, दान-दक्षिणा देते हैं. हालांकि स्नान सवेरे के वक्त किसी शुभ मुहूर्त में कर लेना ही उत्तम होता है. शास्त्रों में देर से स्नान करने को निकृष्ट माना गया है. खासतौर से राक्षसी वेला में स्नान करने से बचना चाहिए.

    ब्रह्म मुहूर्त में स्नान सबसे उत्तम
    मकर संक्रांति पर प्रातःकाल स्नान को सबसे अधिक शुभ माना गया है. विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त में किया गया स्नान सबसे अच्छा होता है. शास्त्रों में देर से या दोपहर में स्नान अच्छा नहीं माना गया है. द्रिग पंचांग के मुताबिक, 15 जनवरी को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 27 मिनट से शुरू होकर 6 बजकर 21 मिनट तक रहेगा. यानी ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के लिए आपको करीब 54 मिनट का समय मिलने वाला है.

    पुण्यकाल में दान-स्नान का महत्व
    हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सुबह 7 बजकर 15 मिनट से लेकर सुबह 8 बजे पुण्यकाल रहने वाला है. यानी इस दिन करीब 45 मिनट का पुण्य काल रहने वाला है. इस अवधि में स्नान और दान जैसे शुभ कार्य करना विशेष फलदायी होता है.

    हालांकि आप सवेरे जल्दी उठकर स्नान कर लेंगे तो ज्यादा अच्छा होगा. शास्त्रों के अनुसार, सुबह 4 से 5 बजे के बीच किया गया स्नान ‘मुनि स्नान’ कहलाता है, जिससे बल और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. जबकि सुबह 5 से 6 बजे के बीच ‘देव स्नान’ होता है, जो धन, वैभव और यश प्रदान करता है.  फिर सुबह 6 से 8 बजे के बीच ‘मानव स्नान’ होता है, जो सौभाग्य और सफलता के लिए अच्छा माना गया है.

    हालांकि सुबह 8 बजे के बाद स्नान को ‘राक्षसी स्नान’ कहा गया है. शास्त्रों में देर से स्नान करने की मनाही है. मान्यता है कि देर से स्नान करने से जीवन में कष्ट और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं. इसलिए बेहतर यही होगा कि आप मकर संक्रांति पर सुबह 8 बजे पुण्यकाल खत्म होने से पहले ही स्नान कर लें.

    मकर संक्रांति पर किन वस्तुओं का दान शुभ
    मकर संक्रांति के दिन स्नान के बाद दान करना विशेष पुण्यदायक माना जाता है. इस अवसर पर तिल, गुड़, नया अन्न, खिचड़ी, कंबल, वस्त्र और घी का दान शुभ फल प्रदान करता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उत्तरायण काल में किया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता. खासकर जरूरतमंदों, बुजुर्गों और गरीबों को दिया गया दान ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम करता है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का मार्ग खोलता है.

    —- समाप्त —-



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here