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    फ्लैट खरीदने का है प्लान, पहली मंजिल या टॉप फ्लोर? कहां मिलेगा बेहतर रिटर्न और किराया

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    फ्लैट खरीदने का है प्लान, पहली मंजिल या टॉप फ्लोर? कहां मिलेगा बेहतर रिटर्न और किराया


    आजकल मेट्रो सिटीज में फ्लैट लेना एक बड़ा सपना है, लेकिन जैसे ही हम किसी बिल्डिंग में घर देखने जाते हैं, सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यही होता है पहली मंजिल पर घर लें या सबसे ऊपर वाली मंजिल पर यह सिर्फ पसंद-नापसंद की बात नहीं है, बल्कि आपके पैसे और आने वाले वक्त की सुख-सुविधा से जुड़ा फैसला है. अगर आप भी इसी उलझन में हैं, तो आपके लिए ये बातें जानना जरूरी है.   

    पहली मंजिल (First Floor): उन परिवारों के लिए बेहतर विकल्प हैं, जहां बुजुर्ग या बच्चे हैं, लिफ्ट खराब होने या आपातकालीन स्थिति में यहां से बाहर निकलना बहुत आसान होता है. इसके अलावा, यहां गर्मी कम लगती है, क्योंकि ऊपर की मंजिलें सूरज की सीधी तपिश को सोख लेती हैं. हालांकि, यहां शोर-शराबे और धूल की समस्या अधिक हो सकती है, खासकर अगर सोसायटी का कॉमन एरिया पास में हो.

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    टॉप फ्लोर (Top Floor): अगर आपको शांति और प्राइवेसी पसंद है, तो टॉप फ्लोर से बेहतर कुछ नहीं. यहां आपको ऊपर रहने वाले पड़ोसियों के पैरों की आवाज या फर्नीचर खिसकने का शोर नहीं सुनाई देगा. साथ ही, यहां से मिलने वाला नजारा और ताजी हवा इसे खास बनाती है. लेकिन, भारत जैसे गर्म देश में टॉप फ्लोर गर्मियों में काफी तपता है, जिससे बिजली का बिल बढ़ सकता है.

    निवेश और रीसेल वैल्यू (Investment & Resale)

    निवेश के नजरिए से देखा जाए तो दोनों के अपने आर्थिक पहलू हैं. बिल्डर अक्सर टॉप फ्लोर या बहुत निचली मंजिलों के लिए अतिरिक्त ‘पीएलसी’ वसूलते हैं. अगर आप निवेश कर रहे हैं, तो देखें कि क्या वह अतिरिक्त पैसा भविष्य में उतनी ही बढ़त दिलाएगा? अगर आप घर किराए पर देने के लिए ले रहे हैं, तो निचली मंजिलें अक्सर जल्दी किराए पर चढ़ जाती हैं, क्योंकि मध्यमवर्गीय परिवार पहुंच और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं. भविष्य में घर बेचते समय टॉप फ्लोर की मांग उन लोगों के बीच अधिक होती है जो ‘लग्जरी’ और ‘व्यू’ की तलाश में हैं, जबकि पहली मंजिल अपनी व्यावहारिक उपयोगिता के कारण हमेशा डिमांड में रहती है.

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    सुरक्षा और रखरखाव

    सुरक्षा के लिहाज से निचली मंजिलों पर चोरी का खतरा थोड़ा अधिक माना जाता है, इसलिए ग्रिल और सीसीटीवी पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है. दूसरी ओर, टॉप फ्लोर पर सबसे बड़ी समस्या ‘सीलन’ की हो सकती है. अगर छत की वॉटरप्रूफिंग सही नहीं है, तो बारिश का पानी आपकी दीवारों को नुकसान पहुंचा सकता है.

    आखिर में सवाल यही है कि आपकी प्राथमिकता क्या है? अगर आपके परिवार में बुजुर्ग हैं और आप रोजमर्रा की भागदौड़ में आसानी चाहते हैं, तो पहली मंजिल एक व्यावहारिक विकल्प है. लेकिन, अगर आप शहर के शोरगुल से दूर एक शांत और आलीशान अहसास चाहते हैं और गर्मी या सीलन जैसी छोटी चुनौतियों का रखरखाव कर सकते हैं, तो टॉप फ्लोर आपके लिए बना है, पैसा लगाने से पहले अपनी लाइफस्टाइल और भविष्य की जरूरतों को तौलें, क्योंकि घर बार-बार नहीं खरीदा जाता.

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