ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट के बीच देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों की चपेट में है. बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और डॉलर के मुकाबले कमजोर होती मुद्रा (ईरानी रियाल) ने आम जनता के गुस्से को और भड़का दिया है. सरकार द्वारा इंटरनेट और फोन सेवाओं पर सख्त पाबंदियां लगाए जाने के बावजूद प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. ये आंदोलन 2022 के बाद इस्लामिक गणराज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती माने जा रहे हैं. प्रदर्शन ईरान के सभी 31 प्रांतों में फैल चुके हैं, जिनमें बड़े शहरों से लेकर दूरदराज के इलाके शामिल हैं.
इन विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत ईरान की संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था के कारण आम लोगों को हो रही परेशानियों से हुई, लेकिन अब ये देश के इस्लामी शासन के खिलाफ व्यापक असंतोष में बदल चुके हैं. हालात काबू में रखने के लिए ईरान की सरकार ने इंटरनेट और दूरसंचार सेवाएं बंद कर दी हैं ताकि प्रदर्शनकारियों के समन्वय और सूचना के प्रसार को रोका जा सके. मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक ईरान में अब तक कम से कम 62 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक होने की आशंका है. इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की प्रदर्शनकारियों को ‘उनकी जगह बताने’ की कड़ी चेतावनी जारी करने के बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई और तेज कर दी है. ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों से जुड़े हर पल के अपडेट यहां पढ़ें…


