बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद ढाका लौट आए हैं. बांग्लादेश में आगामी फरवरी में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों से पहले बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष की वतन वापसी से पार्टी का मनोबल बढ़ा है. हालांकि, पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे तारिक रहमान ऐसे समय में लौटे हैं जब देश अराजकता की चपेट में है. प्रधानमंत्री शेख हसीना का सत्ता से बेदखल होना,अल्पसंख्यक हिंदुओं की मॉब लिंचिंग की कई घटनाएं, कट्टरपंथी छात्र नेता उस्मान शरीफ हादी की हत्या, उसे न्याय दिलाने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन, मीडिया कार्यालयों और सांस्कृतिक समूहों पर हमले ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को मुश्किल स्थिति में डाल दिया है.
शेख हसीना सरकार के खिलाफ उग्र छात्र आंदोलन के दम पर सत्ता में आई यूनुस की अंतरिम सरकार अब उसी लहर को नियंत्रित करने में कठिनाई महसूस कर रही है. हसीना की अवामी लीग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से खालिदा जिया और उनके बेटे तारिक रहमान की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के लिए चुनाव जीतना आसान हो गया है. संयुक्त राष्ट्र ने इस पर चिंता व्यक्त की है और यूनुस प्रशासन से मतदाताओं के चुनावी अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है. अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के दो लोगों की लिंचिंग की घटनाओं ने भारत में विरोध प्रदर्शनों को जन्म दिया है. यहां पढ़ें बांग्लादेश से जुड़ी हर छोटी बड़ी खबर का ताजा अपडेट

