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    ‘Grovel’ शब्द ने बढ़ाई गुवाहाटी टेस्ट में गर्मी! अफ्रीकी कोच कोनार्ड के ‘नस्लीय बयान’ पर हंगामा, जानें शब्द की असली कहानी

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    ‘Grovel’ शब्द ने बढ़ाई गुवाहाटी टेस्ट में गर्मी! अफ्रीकी कोच कोनार्ड के ‘नस्लीय बयान’ पर हंगामा, जानें शब्द की असली कहानी


    Shukri Conrad Grovel Remark: साउथ अफ्रीका के हेड कोच शुकरी कोनार्ड ने मंगलवार को भारतीय टीम के लिए ‘ग्रोवेल’ (Grovel) का यूजर किया, इस पर अब बवाल  मचा हुआ है. इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. कुछ फैन्स ने माना कि यह एक नस्लीय शब्द है. 

    दरअसल, कोनार्ड चाहते थे कि भारतीय टीम टेस्ट मैच के दौरान ‘सच में दबदबा बनाए’ (Really grovel). उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल विरोधी टीम को कड़ी मेहनत करवाने और मैदान पर ज्यादा समय बिताने, जिससे वे थक जाएं के लिए किया था. 

    अफ्रीकी टीम चाहती थी कि भारत ज्यादा देर तक मैदान में थका रहे. इसी वजह से उन्होंने गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन तीसरे सेशन में एक घंटे तक बैटिंग जारी रखी. उन्होंने अपनी बढ़त 548 रन तक पहुंचाकर पारी घोषित कर दी. इससे भारत के जीतने की बची-खुची उम्मीद भी लगभग खत्म हो गई.

    शुकरी कोनार्ड के “भारत को grovel करवाएंगे” वाले बयान पर अनिल कुंबले और डेल स्टेन ने कहा कि टीम में दबदबा दिखाना ठीक है, लेकिन शब्दों का चुनाव उतना ही जरूरी होता है. कोनार्ड की इस तीखी टिप्पणी के बाद क्रिकेट दुनिया में जोरदार प्रतिक्रियाएं आने लगीं और मामला तेजी से चर्चा में आ गया. कुंबले ने यहां तक कहा क‍ि जब आप जीत रहे हों तो आपको हंबल (व‍िनम्र) रहने की जरूरत है. वहीं स्टेन ने भी इस पर कड़ी प्रत‍िक्रिया दी. 

    Grovel का मतलब क्या होता है?
    Grovel का शाब्दिक मतलब होता है: जमीन पर लेटकर या घुटनों के बल रेंगते हुए किसी के आगे झुक जाना. 
    लेकिन कुछ स्थितियों में इसका मतलब यह भी होता है कि अपने आपको बहुत छोटा दिखाकर, बहुत ज्यादा आदर या विनम्रता दिखाना. 
    यह शब्द अपने आप में नस्लभेदी नहीं है, लेकिन इसमें बेइज्जती, झुकना और अधीनता जैसे भाव होते हैं, इसलिए कई बार यह नस्लीय शक्ति संतुलन (racial power dynamics) को दर्शाने जैसा महसूस हो सकता है. 

    ‘Grovel’ शब्द के पीछे ट्रोनी ग्रेग वाली कहानी क्या है?
    1976 में इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ घर में टेस्ट सीरीज खेलने वाली थी. वेस्टइंडीज इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में 5-1 से बुरी तरह हार चुकी थी. तब उस सीरीज से पहले इंग्लैंड के कप्तान टोनी ग्रेग ने एक विवादित बयान दिया था- उन्होंने कहा था- मेरी टीम वेस्टइंडीज को grovel (घुटनों पर ला देगी). 

    यह बयान वेस्टइंडीज खिलाड़ियों को बेहद बुरा लगा क्योंकि इसमें झुकाने, अपमानित करने और नीचा दिखाने जैसा भाव था, जो नस्लभेद के दौर की याद भी दिलाता था. इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम ने मैदान पर इसका जवाब दिया और सीरीज में इंग्लैंड को जोरदार तरीके से हराया.  ‘Grovel’ बयान तब क्रिकेट इतिहास की सबसे चर्चित और विवादित लाइनों में से एक बन गया. 

    पहले टेस्ट से पहले इंग्लैंड कप्तान टोनी ग्रेग ने BBC से कहा कि वह वेस्टइंडीज को “grovel” कराएंगे. एक व्हाइट साउथ अफ्रीकी (टोनी ग्रेग का जन्म साउथ अफ्रीका में हुआ और वो इंग्लैंड के लिए खेले) के मुंह से यह शब्द सुनकर वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों और फैन्स को नस्लभेदी अपमान जैसा लगा. तब कप्तान क्लाइव लॉयड ने कहा कि पूरा वेस्टइंडीज इस बयान से गुस्से में था और सभी ने ठान लिया कि वे किसी के सामने नहीं झुकेंगे. 

    बाद में ग्रेग ने माफी तो मांगी, लेकिन वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाजों माइकल होल्डिंग और एंडी रॉबर्ट् ने सीरीज में इंग्लैंड को 3-0 से हराकर मैदान पर जवाब दे दिया. आखिरी टेस्ट में आउट होने के बाद ग्रेग ने घुटनों पर बैठकर खुद ही ‘grovel’ किया, और कुछ समय बाद उनकी कप्तानी भी चली गई. 

    क्या शुकरी कोनार्ड मांगेगे माफी?
    वहीं शुकरी कोनार्ड के बयान पर सवाल उठे हैं, लेकिन उनकी स्थिति ग्रेग जैसी नहीं है, क्योंकि वह खुद ब्राउन और साउथ अफ्रीका की हाशिये की कम्युनिटी से आते हैं. अब देखना होगा कि वह आगे इस पर कोई सफाई देते हैं या नहीं…

     

    —- समाप्त —-





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