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    Sahitya Aajtak 2025: तुम्हारी दौलत नई-नई है… सिंगर कुमार सत्यम ने साहित्य आजतक के मंच पर सुरों से बांधा समां

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    Sahitya Aajtak 2025: तुम्हारी दौलत नई-नई है… सिंगर कुमार सत्यम ने साहित्य आजतक के मंच पर सुरों से बांधा समां


    Sahitya Aajtak 2025: नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में चल रहे ‘साहित्य आजतक 2025’ के दूसरे दिन ‘ये शाम सूफियाना’ सेशन को सिंगर कुमार सत्यम ने अपने सुरों से यादगार बनाया. कुमार सत्यम एक भारतीय गायक हैं जिनकी सूफी, भजन, गजल और शास्त्रीय संगीत में एक्सपर्टीज है. साहित्य आजतक के मंच पर उन्होंने हार्मोनियम के साथ अपने सुरों से दर्शकों का समां बांधा. इस दौरान कुमार सत्यम ने ‘सादगी तो हमारी जरा देखिए’, ‘सोचता हूं कि वो कितने मासूम थे’ और ‘जुर्म बस इतना है’ जैसी कई लोकप्रिय गजल और गीत सुनाए. उन्होंने फेमस गजल ‘तुम्हारी शोहरत नई नई है’ भी दर्शकों को अपनी आवाज में सुनाई.

    इस दौरान कुमार सत्यम बीच-बीच में दर्शकों के साथ रू-ब-रू भी होते रहे. वो कुछ किस्सों के साथ लगातार ऑडियंस के साथ कनेक्ट होते रहे. गानों के बीच में उनकी जुबान से कमाल की शायरियां भी निकलती रहीं. इस बीच दर्शकों ने भी तालियां बजाकर मंच पर उनका हौसला बढ़ाए रखा.

    सिंगर कुमार सत्यम (Photo: ITG)

    इसके बाद कुमार सत्यम ने ‘हमरी अटरिया’ का एक बड़ा ही अनोखा और दिलचस्प वर्जन सुनाया. उन्होंने बताया कि राग भैरवी की ठुमरी पर बना ये गाना उनके परिवार में 60-70 साल से गाया जा रहा है. पहले उनके दादाजी और पिताजी भी इसे गाया करते थे.

    इसके बाद कुमार सत्यम ने अपनी सुरीली आवाज में दर्शकों को ‘छाप तिलक सब छीनी’ सुनाया. ऑडियंस ने उनकी इस परफॉर्मेंस को खूब एंजॉय किया. आखिर में उन्होंने ‘मेरे रश्के कमर’ गाने के साथ इस सूफियाना शाम को विराम दिया.

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