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    कुमार विश्वास की रामकथा से अल्ताफ राजा के सुरों तक… साहित्य आजतक 2025 के पहले दिन खूब जमी महफिल

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    कुमार विश्वास की रामकथा से अल्ताफ राजा के सुरों तक… साहित्य आजतक 2025 के पहले दिन खूब जमी महफिल


    Sahitya AajTak Day 1 Highlights: राजधानी दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में शुक्रवार से ‘साहित्य आजतक 2025’ का शानदार आगाज़ हो गया है. पहले ही दिन देश-दुनिया के कई मशहूर कलाकार, लेखक, कवि और फिल्मी हस्तियां मंच पर मौजूद रहीं.

    कार्यक्रम का आगाज इंड‍िया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर इन चीफ कली पुरी के वेलकम एड्रेस से हुआ. उन्होंने कहा कि इस साल हुईं तमाम घटनाएं हमें एक ही बात सिखाती हैं- जिंदगी सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो किसने जाना.

    में गायक अल्तमश और अल्ताफ राजा ने अपनी प्रस्तुति से माहौल बनाया. मोटिवेशनल स्पीकर कुमार विश्वास, लेखक प्रेम रावत, अभिनेत्री और रिव्यूअर नमिता दुबे, मनीषा कुलश्रेष्ठ, निधि अग्रवाल, अमित तिवारी और दास्तानगो फौजिया दास्तानगो भी शामिल हुए.

    इसके अलावा, बॉलीवुड एक्टर-लेखक पीयूष मिश्रा, लेखक एस.आर. हरनोट, विकास झा, उर्मिला शिरीष, प्रो. कुमुद शर्मा, कवि मनु दाश और वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. 

    यू-ट्यूबर और एक्ट्रेस प्रजाक्ता कोली, डायरेक्टर शशांक खेतान, एक्टर मनोज पाहवा, एक्टर आयशा रज़ा और नेटफ्लिक्स इंडिया की हेड ऑफ़ सीरीज़ तान्या बामी भी पहले दिन मंच का हिस्सा बने. फिल्ममेकर सीमा कपूर, कवि-लेखक यतींद्र मिश्रा और पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने भी अपने अनुभव और रचनात्मक विचार साझा किए. 

    साहित्य आजतक 2025’ का पहला दिन कला, साहित्य, संगीत और मनोरंजन का शानदार संगम साबित हुआ.

    साहित्य के पहले दिन का आग़ाज़ इंड‍िया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन और एग्जीक्यूटिव एडिटर इन चीफ कली पुरी के वेलकम एड्रेस से हुआ. उन्होंने कहा कि जब ज़िंदगी इतनी नाज़ुक है, तो रिश्ते उतने ही मज़बूत होने चाहिए. वेलकम एड्रेस को देखने के लिए यहां क्लिक करें – कली पुरी बोलीं- ये मोहब्बत के हर अहसास का उत्सव

    इसके बाद अपने-अपने राम सत्र में कुमार विश्वास – कवि, लेखक और मोटिवेशनल स्पीकर शामिल हुए. उन्होंने कहा कि समाज की समस्याओं का हल राजनीति के पास नहीं है. राजनीति समस्याओं की चर्चा करती है. उनके पूरे सत्र को आप यहां पढ़ सकते हैं – रामकथा मानवता का इम्युनिटी बूस्टर है, साहित्य आजतक में बोले कुमार विश्वास

    इसके बाद स्वयं से साक्षात्कार सत्र में लेखक एवं शिक्षाविद प्रेम रावत शामिल हुए. दर्शकों से खचाखच भरे मंच पर आनंद की परिभाषा बताई, परमानंद की लालसा पर जोर दिया और बैचेन मनुष्य को शांति का पता बताया. आप उनके पूरे सत्र को यहां पढ़ सकते हैं – लेखक प्रेम रावत ने बताया शांति का पता, बोले- एड्रेस बता दिया… पहुंचोगे कैसे?

    लेखक प्रेम रावत (Photo: ITG)

    तुम तो ठहरे परदेसी… सत्र में गायक अल्ताफ राजा शामिल हुए. गायक ने अपने चित-परिचित अंदाज में वहां मौजूद ऑडियंस का दिल जीत लिया. उनके सत्र को आप यहां पढ़ सकते हैं – साहित्य आजतक के मंच पर ‘तुम तो ठहरे परदेसी’ वाले अल्ताफ राजा, सजाई खूबसूरत शाम

    तुम्हारी औकात क्या है पीयूष मिश्रा!!! सत्र में अभिनेता और सिंगर पीयूष मिश्रा शामिल हुए. उन्होंने बताया कि वह मुंबई हीरो नहीं पैसे कमाने के लिए गए थे. उनके सत्र को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं – ‘मुझे इंडस्ट्री ने बहुत दिया लेकिन सच कहूं तो वो पूरी नकली है’, बोले पीयूष मिश्रा

    अख्तरी… उफ़ ये फ़साना!! सत्र में मालिनी अवस्थी – पद्मश्री, लोकगायिका, लेखिका- चंदन किवाड़; यतीन्द्र मिश्रा – कवि व लेखक- लता सुरगाथा शामिल हुए. महफिल में बेगम अख्तर के किस्से सिर्फ सुने नहीं गए, महसूस किए गए.

    मालिनी अवस्थी (Photo: ITG)

    तेरे वास्ते… एक म्यूज़िकल शो सत्र में गायक अल्तमश फरीदी शामिल हुए. इस दौरान अल्तमश ने बताया कि उन्हें ग़दर 2 में गाने का क्रेडिट नहीं मिला. पूरा सत्र यहां कल्कि कर पढ़ें – ‘गदर 2 में गाने का क्रेडिट नहीं मिला’, बोले अल्तमश फरीदी, सुनाए सुपरह‍िट गाने

    किताब़ी गुफ्तगू, क्योंकि बात करना जरूरी है… सत्र में अभिनेत्री व रिव्यूअर नमिता दुबे और रिव्यूअर स्मृति नौटियाल शामिल हुए. दोनों वक्ताओं ने किताबों, पढ़ने की संस्कृति, कंटेंट रिव्यू और आज के बदलते साहित्यिक परिदृश्य पर खुलकर अपने विचार रखे. 

    दास्तान-ए-गुरु दत्त सत्र में फौज़िया दास्तानगो और सिंगर लतिका जैन शामिल हुईं. उन्होंने गुरुदत्त की जिंदगी को दास्तानगोई के खूबसूरत अंदाज में, गीतों के साथ ऑडियंस के सामने पेश किया. पूरे सत्र को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं – फिल्मसाजी के उस्ताद गुरुदत्त के किस्सों से फौजिया दास्तानगो ने बांधा समां

    चिक्का ऑन रोल – बातों की बात    सत्र में रुचिका लोहिया – कवयित्री व परफ़ॉर्मर शामिल हुईं. रुचिका लोहिया ने साहित्य आजतक के मंच दस्तक दरबार पर अपनी कविताओं के जरिए जिंदगी के सच्चे अनुभव और संघर्ष साझा किए. आप पूरे सत्र को यहां कल्कि कर पढ़ सकते हैं – ‘मुझे इत्तेफाक बेहद पसंद हैं…’, साहित्य आजतक के मंच पर छाईं रुचिका लोहिया

    जो हमने दास्तान अपनी सुनाई – संस्मरण लेखन की चुनौतियां सत्र में सीमा कपूर (एक्ट्रेस व लेखक), लीलाधर मंडलोई (कवि व लेखक) और यतीश कुमार (लेखक) हुए. सीमा कपूर ने अपने संस्मरण पर खुलकर बात की. उन्होंने ओम पुरी से तलाक, अजन्मे बच्चे के खोने और आर्थिक संघर्षों का जिक्र किया. पूरे सत्र को यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं – ‘सही समय पर ओम पुरी का घर छोड़ा, वो पछताए…’ आजतक के मंच से सीमा कपूर ने और क्या कहा?

    ऑपरेशन सिंदूर – वीर रस कवि सम्मेलन सत्र में कर्नल वी.पी. सिंह, कमांडर समोद सिंह, मदन मोहन समर, कविता तिवारी, विनीत चौहान और मनीष मधुकर हुए. पूरे सत्र को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं – वीर रस कवि सम्मेलन

    ऑपरेशन सिंदूर – वीर रस कवि सम्मेलन सत्र (Photo: ITG)

    हिंदी साहित्य की नई पहचान – बेज़ुबानों की ज़ुबान सत्र में मनीषा कुलश्रेष्ठ (लेखिका), निधि अग्रवाल (लेखिका) और अमित तिवारी (लेखक) शामिल हुए. मनीषा कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हाथियों की पीड़ा ने मुझे झकझोर दिया. पूरे सत्र को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं – ‘जिसे पूजते हैं, उसे कैद भी कर लेते हैं…’ हाथियों की बढ़ती एंजायटी पर लेख‍िका मनीषा कुलश्रेष्ठ की तीखी टिप्पणी

    भाषा और साहित्य के क्षेत्रीय सवाल सत्र में एसआर. हरनोट (लेखक), उर्मिला शिरीष (उपन्यासकार), विकास झा (पत्रकार और लेखक) और डॉ. चंद्र शेखर होता (लेखक) शामिल हुए. इस सत्र में क्षेत्रीय भाषाओं, हिंदी और नई पीढ़ी के बीच संबंधों पर चर्चा हुई. 

    भारत में भाषा के सवाल सत्र में प्रो. कुमुद शर्मा (वीसी, महात्मा गांधी इंटरनेशनल हिंदी यूनिवर्सिटी वर्धा), मनु दास (कवि) और अनंत विजय (लेखक-पत्रकार) शामिल हुए. 

    ताज़ा-ताज़ा इश्क़ के सत्र  में गायिक अनुपमा राग शामिल हुईं.

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