More
    Home Home ISKP आतंकी मॉड्यूल केस: तीनों संदिग्धों से पूछताछ करेगी UPATS, लखनऊ-अहमदाबाद में...

    ISKP आतंकी मॉड्यूल केस: तीनों संदिग्धों से पूछताछ करेगी UPATS, लखनऊ-अहमदाबाद में हुई थी रेकी

    0
    24
    ISKP आतंकी मॉड्यूल केस: तीनों संदिग्धों से पूछताछ करेगी UPATS, लखनऊ-अहमदाबाद में हुई थी रेकी


    देश में आतंक का एक नया और खौफनाक चेहरा सामने आया है. गुजरात पुलिस की एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने शनिवार को अहमदाबाद में एक खतरनाक आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है. गिरफ्त में आए तीन संदिग्ध आतंकियों में से एक डॉक्टर है, जो जिंदगी नहीं मौत की दवा बना रहा था. इन तीनों में दो संदिग्ध आतंकी उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी और शामली के रहने वाले हैं.   

    पुलिस की पूछताछ में तीनों ने कबूल किया है कि उन्होंने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद के कई इलाकों की रेकी की थी. इस सूचना के सामने आने के बाद यूपी एटीएस की टीम अहमदाबाद पहुंच रही है, ताकि लखनऊ, लखीमपुर और शामली कनेक्शन की कड़ियों की पड़ताल की जा सके. यूपी पुलिस ये जांच करेगी कि लखनऊ में तीनों ने किन इलाकों की रेकी की और किसके संपर्क में आए थे.

    शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इनकी सक्रियता फरवरी 2024 से बढ़ी थी. उनकी फंडिंग का स्रोत संदिग्ध चैनलों से ट्रेस हो रहा है. गुजरात ATS DIG सुनील जोशी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद, मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम और आजाद सुलेमान शेख के रूप में हुई है. इन तीनों ने लखनऊ, दिल्ली और अहमदाबाद में संवेदनशील जगहों की रेकी की थी.

    ‘डॉक्टर’ अहमद मोहिउद्दीन सैयद चीन से MBBS की डिग्री लेकर लौटा था. वापस आने के बाद से भारत में रिसिन नामक बेहद जहरीला केमिकल तैयार करने में जुटा था. रिसिन को कुछ मिलीग्राम मात्रा में भी इंसान की जान लेने के लिए काफी माना जाता है. तीनों पर आरोप है कि वे इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस (ISKP) के मॉड्यूल के लिए काम कर रहे थे. सीमा पार से ड्रोन के ज़रिए हथियारों की सप्लाई होती थी.

    पुलिस की जांच में सामने आया कि इनका हैंडलर अबू खदीजा, अफगानिस्तान का रहने वाला था, जो ISKP से सीधे जुड़ा था. पाकिस्तान के कई नेटवर्क से संपर्क में था. 7 नवंबर को गांधीनगर के अडालज इलाके में ATS ने डॉक्टर को हथियारों और जहरीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया. उसके पास से दो ग्लॉक पिस्तौल, एक बेरेटा पिस्तौल, 30 जिंदा कारतूस और चार लीटर अरंडी का तेल बरामद किया गया.

    डीआईजी के मुताबिक, अहमद मोहिउद्दीन सैयद रिसिन बनाने की तैयारी में था. यह ऐसा केमिकल जहर है, जो अरंडी के बीजों की प्रोसेसिंग से निकले वेस्ट मटीरियल से तैयार किया जाता है. उसने इसके लिए जरूरी उपकरण और केमिकल खरीद लिए गए थे और शुरुआती प्रोसेसिंग भी शुरू कर दी गई थी. तीनों आरोपी सोशल मीडिया के ज़रिए आए और धीरे-धीरे कट्टरपंथी गतिविधियों से जुड़ गए.

    डॉक्टर के साथ पकड़े गए दोनों आरोपी मोहम्मद सुहैल मोहम्मद सलीम  लखीमपुर खीरी के निघासन और आजाद सुलेमान शेख शामली के कैराना का रहने वाले हैं. दोनों ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार खरीदकर सैयद को सप्लाई किए, जिसका सबूत उनके मोबाइल डेटा से मिला है. यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकियों के हैंडलर अबू खदीजा ने पाकिस्तान सीमा से ड्रोन के ज़रिए हथियार भेजे. 

    ATS ने तीन मोबाइल फोन और दो लैपटॉप भी बरामद किए हैं, जिनमें एन्क्रिप्टेड चैट और अंतरराष्ट्रीय कॉल लॉग मिले हैं. तीनों आरोपियों पर UAPA, भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है. डॉक्टर को 17 नवंबर तक ATS रिमांड पर भेजा गया है. ATS अब सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर इस आतंकी नेटवर्क की इंटरनेशनल चेन को विस्तार से खंगाल रही है. 

    —- समाप्त —-



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here