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    Gajkesari Yog 2025: 10 नवंबर को बनेगा गजकेसरी योग! जब गुरु-चंद्रमा मिलकर बरसाएंगे इन राशियों पर कृपा

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    Gajkesari Yog 2025: 10 नवंबर को बनेगा गजकेसरी योग! जब गुरु-चंद्रमा मिलकर बरसाएंगे इन राशियों पर कृपा


    Gajkesari Yog 2025: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन बहुत ही विशेष माना जाता है, जिसकी चाल हर किसी को प्रभावित करती है. इस वक्त अतिचारी गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में भ्रमण कर रहे हैं और 10 नवंबर चंद्रमा भी कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. जिससे चंद्रमा और देवगुरु बृहस्पति मिलकर कर्क राशि में गजकेसरी योग का निर्माण करेंगे. जानकारी के लिए आपको बता दें कि 18 अक्टूबर को गुरु ने कर्क राशि में प्रवेश किया था और यह 5 दिसंबर तक इसी राशि में रहेंगे. 

    पंचांग के अनुसार, 10 दिसंबर को बृहस्पति और चंद्रमा दोपहर 1 बजकर 2 मिनट पर गजकेसरी योग का निर्माण करेंगे. वहीं, गुरु कर्क राशि में प्रवेश करके पहले ही हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण कर चुके हैं. तो चलिए जानते हैं कि गजकेसरी योग से कई राशियों की किस्मत चमकने वाली है. 

    1. मेष

    गजकेसरी योग मेष राशि वालों के जीवन में सौभाग्य के नए द्वार खोलने वाला साबित होगा. लंबे समय से अटके हुए कार्य अब गति पकड़ेंगे. करियर में प्रगति और मान-सम्मान मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं. जो लोग नौकरी परिवर्तन की सोच रहे हैं, उनके लिए यह समय बेहद अनुकूल है. आर्थिक स्थिति सुधरेगी और परिवार में आनंद का माहौल रहेगा.

    2. कर्क

    कर्क राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से अत्यंत शुभ फल देने वाला रहेगा. धन प्राप्ति के नए अवसर बनेंगे और अटका हुआ पैसा लौटने की संभावना है. कारोबार में अच्छा मुनाफा मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा. पारिवारिक जीवन में सौहार्द बना रहेगा और प्रेम संबंधों में भी मधुरता आएगी.

    3. कन्या

    कन्या राशि वालों के लिए यह योग भाग्य वृद्धि का संकेत दे रहा है. नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या सम्मान मिलने की प्रबल संभावना है. किसी वरिष्ठ या प्रभावशाली व्यक्ति का सहयोग मिलेगा, जिससे कार्यों में सफलता मिलेगी. परिवार में शुभ आयोजन हो सकता है. मानसिक शांति बनी रहेगी और स्वास्थ्य में सुधार दिखाई देगा. 

    क्या होता है गजकेसरी योग?

    गजकेसरी योग एक अत्यंत शुभ ज्योतिषीय संयोग माना जाता है, जो तब बनता है जब बृहस्पति (गुरु) और चंद्रमा केंद्र भावों में स्थित होकर एक-दूसरे से युति या दृष्टि संबंध स्थापित करते हैं. यह योग व्यक्ति को गज (हाथी) जैसी दृढ़ता और केसरी (सिंह) जैसा पराक्रम प्रदान करता है. इसके प्रभाव से जातक धन, सम्मान, ज्ञान और सफलता अर्जित करता है. इस योग से व्यक्ति का व्यक्तित्व प्रभावशाली बनता है और जीवन के हर क्षेत्र में उन्नति के अवसर प्राप्त होते हैं.

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