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    ‘हमने सेटिंग नहीं की, सरकार को झुकाया’, किसान नेता बच्चू कडू ने आलोचकों को दिया जवाब

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    ‘हमने सेटिंग नहीं की, सरकार को झुकाया’, किसान नेता बच्चू कडू ने आलोचकों को दिया जवाब


    नागपुर में किसानों के आंदोलन का नेतृत्व करने और सरकार को झुकने पर मजबूर करते हुए कर्जमाफी की तारीख तय करवाने वाले प्रहार जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक बच्चू कडू अब सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रहे हैं. लेकिन कडू ने शनिवार को अमरावती में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ लफ्जों में पलटवार किया. उन्होंने ट्रोलिंग को पूरी तरह भाजपा का राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया और चेतावनी दी कि ट्रोल करने वालों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

    कडू ने कहा, ‘मेरे आंदोलन की तारीफ होनी चाहिए, लेकिन उसे बदनाम किया जा रहा है. कुछ लोग कह रहे हैं कि हम मैनेज हो गए. ऐसे लोगों को शर्म आनी चाहिए. सरकार के साथ मैंने किसी प्रकार का कोई सेटलमेंट या मैनेजमेंट नहीं किया. मुझ पर लगाए जा रहे सारे आरोप बेबुनियाद हैं और यह सब आंदोलन की ताकत को कमजोर करने की साजिश है. नागपुर में महा एल्गार मोर्चा के जरिए हमने किसानों के कर्जमाफी की तारीख तय करवा ली, यही कुछ लोगों को चुभ गया. इसलिए अब वे मेरी इमेज खराब करने पर तुले हैं.’

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    उन्होंने आगे जोड़ा, ‘मां सीता को भी अग्निपरीक्षा देनी पड़ी थी, मैं तो बहुत छोटा आदमी हूं. लेकिन हम चुप नहीं बैठेंगे. हमारी वकीलों की टीम ने सोशल मीडिया ट्रोलर्स को चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.’ बच्चू कडू ने बिना नाम लिए भाजपा पर सीधा निशाना साधा. उन्होंने कहा, ‘यह पूरा खेल भाजपा का है, जो किसान आंदोलन को कमजोर करना चाहती है.’ किसानों से अपील करते हुए उन्होंने कहा, ‘आगामी निकाय चुनावों में भाजपा को एक भी वोट न दें. यही लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं. ट्रोल करने वाले लोग आंदोलन में उतरकर किसानों के साथ खड़े हों, न कि पीठ में छुरा घोंपें. इससे किसानों के आंदोलन को नुकसान पहुंचता है.’

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    बच्चू कडू के नेतृत्व में 27 अक्टूबर को अमरावती जिले के चंदुरबाजार से किसान आंदोलन की शुरुआत हुई थी. किसानों की ट्रैक्टर रैली नागपुर पहुंची थी, जहां हजारों किसानों ने राज्य सरकार से कर्जमाफी, फसल नुकसान की भरपाई और सूखा-बाढ़ राहत के पुराने मानदंड बहाल करने की मांग की थी. आंदोलन के दबाव में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बच्चू कडू से फोन पर बात की और 30 जून 2026 तक कर्जमाफी की घोषणा की. इसके बाद कडू ने किसानों से आंदोलन स्थगित करने की अपील की. महाराष्ट्र सरकार ने कर्जमाफी के लिए पात्र किसानों के सर्वे के लिए एक नौ सदस्यीय समिति का गठन भी किया है, जो अप्रैल 2026 तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी. 

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