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    6 दिन बाद भी IPS पूरन का अंतिम संस्कार नहीं, हरियाणा सरकार ले सकती है बड़ा फैसला

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    6 दिन बाद भी IPS पूरन का अंतिम संस्कार नहीं, हरियाणा सरकार ले सकती है बड़ा फैसला


    हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी पूरन कुमार की आत्महत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. घटना के छह दिन बीत चुके हैं लेकिन अब तक पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार नहीं हो सका है. परिवार अब भी डीजीपी की गिरफ्तारी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर डटा हुआ है. 7 अक्टूबर को वो अपने घर के बेसमेंट में मृत पाए गए थे.

    हरियाणा कैबिनेट की मीटिंग में हो सकता है बड़ा फैसला

    इस बीच चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर (IPS) पीजीआई चंडीगढ़ के एडवांस्ड ऑटोप्सी सेंटर पहुंचीं और पूरे मामले की निगरानी की. इसी बीच, हरियाणा कैबिनेट की बैठक सुबह 9:30 बजे शुरू हुई है जिसमें पूरन कुमार केस पर चर्चा किए जाने की संभावना जताई गई है. वहीं दूसरी तरफ पूरन कुमार की पत्नी और वरिष्ठ आईएस अधिकारी अमनीत पी. कुमार सुसाइड नोट में आरोपी बताए गए अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ीं हुई हैं.  

    परिवार से सहमति बनाने की कोशिश में सरकार

    सूत्रों के अनुसार, सरकार इस मामले में परिवार की मांगों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रही है. अधिकारियों की एक टीम लगातार परिवार से मुलाकात कर रही है और कई तरह के आश्वासन और प्रस्ताव दे रही है, ताकि परिवार पोस्टमार्टम और अंतिम संस्कार के लिए राजी हो सके.

    दुष्यंत चौटाला करेंगे परिवार से मुलाकात

    वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला सुबह 10:30 बजे परिवार से मुलाकात करने के लिए पहुंचेंगे. इस बीच दोपहर 2 बजे महापंचायत बुलाई गई है, जिसमें इस मामले पर आगे की रणनीति तय की जाएगी.

    हरियाणा कैबिनेट की बैठक शुरू हो चुकी है और उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान पूरन कुमार केस से जुड़ा बड़ा फैसला लिया जा सकता है. परिवार लगातार आरोप लगा रहा है कि पूरन कुमार को प्रशासनिक दबाव और उत्पीड़न के चलते आत्महत्या करनी पड़ी.

    परिवार के समर्थन में सामाजिक संगठन और पंचायतें

    हरियाणा में इस घटना को लेकर जनाक्रोश बढ़ता जा रहा है. कई सामाजिक संगठन और पंचायतें परिवार के समर्थन में उतर आई हैं. लोगों का कहना है कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा. इस बीच, प्रशासनिक स्तर पर भी माहौल संभालने की कोशिशें की जा रही हैं लेकिन परिवार का आक्रोश अब भी बरकरार है.

     

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