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    बिहार में JDU और बीजेपी अब ‘जुड़वा भाई’, 20 साल बाद बराबर सीटों पर लड़ेंगे… NDA के सीट बंटवारे में चिराग ने मारी बाजी

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    बिहार में JDU और बीजेपी अब ‘जुड़वा भाई’, 20 साल बाद बराबर सीटों पर लड़ेंगे… NDA के सीट बंटवारे में चिराग ने मारी बाजी


    बिहार विधानसभा चुनाव के लिए NDA ने सीटों के बंटवारे का ऐलान कर दिया है. केंद्रीय मंत्री और बिहार में बीजेपी प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को बताया कि बीजेपी और जेडीयू दोनों ही पार्टियां 101-101 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगी, जबकि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के नेतृत्व वाली LJP(R) 29 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. जीतनराम मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को 6 और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को भी 6 सीटें दी गई हैं. 

    सूत्रों के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा को जो 6 सीटें दी गई हैं, उनमें उजियारपुर, मधुबनी, सासाराम, दिनारा, महुआ औ बाजपट्टी सीट शामिल हैं, हालांकि इसका आधिकारिक ऐलान सोमवार को होगा. इसी तरह मांझी को जो 6 सीटें मिली हैं, उनमें टेकारी, कुटुंबा, अतरी, इमामगंज, सिकंदरा, बराचट्टी विधानसभा सीट शामिल है. सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान अपनी पसंदीदा 3 सीटें लेने में कामयाब रहे. इन तीन सीटों पर सबसे ज्यादा माथापच्ची चल रही थी. हिसुआ, गोविंदगंज और ब्रह्मपुर तीनों सीटें चिराग के खाते में आई हैं. 

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक शुरू होते ही धर्मेंद्र प्रधान ने एक पोस्ट में कहा कि केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के नेतृत्व वाली हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोक मोर्चा 6-6 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे. 

    सीट शेयरिंग का फॉर्मूला तय होने के बाद धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि एनडीए के सभी सहयोगियों ने सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया सौहार्दपूर्ण ढंग से पूरी कर ली है. उन्होंने कहा कि एनडीए के सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता इसका स्वागत करते हैं. बिहार एक और एनडीए सरकार के लिए तैयार है.

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    मांझी को मिली 6 सीटें

    15 सीटों की मांग कर रहे जीतनराम मांझी ने धर्मेंद्र प्रधान के ऐलान से पहले एक पोस्ट कर कहा था कि वह आखिरी सांस तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं. हालांकि सीटों के ऐलान के बाद मांझी ने कहा कि वह भाजपा नेतृत्व के फैसले को स्वीकार करेंगे, लेकिन साथ ही यह भी जताया कि उनकी पार्टी को कम आंका गया है, जिसका एनडीए पर असर पड़ सकता है. दरअसल, मांझी को 6 सीटें मिली हैं.

    40 से घटकर 29 सीट पर माने चिराग

    सीट बंटवारे का ऐलान कई दिनों तक चली बातचीत के बाद हुआ है, NDA गठबंधन के सहयोगी चिराग पासवान, जीतनराम  मांझी और उपेंद्र कुशवाहा ने भाजपा के साथ कड़ी सौदेबाजी की और बातचीत के दौरान कभी गरम तो कभी ठंडी स्थिति रही. हालांकि 40 से अधिक सीटों की मांग पर अड़े चिराग को मनाने में बीजेपी सफल रही. गौरतलब है कि वर्तमान में चिराग की पार्टी का एक भी विधायक नहीं है.

    आरजेडी और कांग्रेस के बीच बातचीत जारी

    वहीं, बिहार में विपक्षी ‘महागठबंधन’ अगले कुछ दिनों में सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे सकता है और इस सप्ताह अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकता है. शीर्ष सूत्रों के अनुसार आरजेडी और कांग्रेस के बीच बातचीत जारी है, सोमवार को दोनों पार्टियों के नेतृत्व की बैठक होने की संभावना है, क्योंकि आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव नई दिल्ली में हैं.

    दो-तीन दिन में लेंगे फाइनल फैसला: जयराम

    सीट बंटवारे की घोषणा में देरी पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि हमें ‘महागठबंधन’ में कुछ नए सहयोगियों को शामिल करना है और सीट बंटवारे में उन्हें समायोजित करना होगा. उन्होंने बताया कि अगले दो-तीन दिनों में हमें उम्मीद है कि सभी सीटों पर अंतिम निर्णय हो जाएगा और उनकी घोषणा कर दी जाएगी. इस बार कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी, इस सवाल पर जयराम रमेश ने कहा कि ‘आधी सदी से लेकर एक सदी के बीच’. दरअसल, पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 19 सीटें जीती थीं, जबकि आरजेडी ने 144 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 75 सीटें हासिल की थीं.

    पिछले चुनाव की स्थिति

    2020 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू ने 115 सीटों पर और भाजपा ने 110 सीटों पर चुनाव लड़ा था, मांझी की HAM ने 7 तो मुकेश सहनी की VIP ने 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था, तब सहनी एनडीए का हिस्सा था. हालांकि चिराग पासवान की पार्टी ने नीतीश कुमार के साथ मतभेदों के कारण स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ा था.कांटे की टक्कर वाले चुनाव में एनडीए ने 125 सीटें जीती थीं, जबकि महागठबंधन ने 110 सीटें हासिल की थीं. 

    20 साल बाद बराबर सीटों पर लड़ेगी JDU-BJP

    2005 में नीतीश कुमार आरजेडी के नेतृत्व वाली सरकार के 15 साल के शासन को खत्म करके सत्ता में आए थे. इसके बाद ऐसा पहली बार होगा कि विधानसभा चुनाव में उनकी जनता दल (यूनाइटेड) एनडीए गठबंधन में भाजपा से ज़्यादा सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी. हालांकि बीजेपी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में बिहार में जदयू से एक सीट ज़्यादा पर चुनाव लड़ा था, वो भी पहली बार था. बता दें कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए 6 और 11 नवंबर को 2 चरणों में मतदान होगा, जबकि नतीजे 14 नवंबर को आएंगे.

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