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    ‘बेबी I Love You, पास आओ ना…’ छात्राओं को ऐसा मैसेज भेजने वाले चैतन्यानंद की मुंबई में मिली लोकेशन

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    ‘बेबी I Love You, पास आओ ना…’ छात्राओं को ऐसा मैसेज भेजने वाले चैतन्यानंद की मुंबई में मिली लोकेशन


    देश की राजधानी दिल्ली में एक प्राइवेट मैनेजमेंट कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं के साथ हुए यौन शोषण के मामले में रोज नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं. स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थ सारथी, जिस पर 17 छात्राओं से शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे हैं, अब तक फरार चल रहा है.उसकी अंतिम लोकेशन मुंबई में ट्रेस हुई है. पुलिस की कई टीमें अब उसे पकड़ने के लिए छापेमारी कर रही हैं. उसे देश से भागने से रोकने के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया गया है.

    ‘बेबी, आई लव यू’ वाले मैसेज

    एफआईआर में दर्ज छात्राओं की गवाही चौंकाने वाली है. 62 साल के स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती देर रात छात्राओं को अपने कमरे में बुलाता और अजीबोगरीब मैसेज भेजता था. ‘बेबी, आई लव यू, आई अडोर यू’, ‘आज तुम बहुत सुंदर लग रही हो’ पास आओ ना जैसे संदेश आधी रात के बाद लगातार भेजता था. छात्राओं के इनकार करने पर वह फैकल्टी सदस्यों को बीच में डालकर दबाव बनाता और धमकी देता कि अगर जवाब नहीं दिया तो अटेंडेंस काट दी जाएगी या परीक्षा में नंबर घटा दिए जाएंगे. एफआईआर में छात्रा ने कहा कि जब उसे पैर की उंगली में फ्रैक्चर हुआ और उसने एक्स-रे रिपोर्ट वॉट्सऐप पर स्वामी चैतन्यानंद को भेजी, तभी से वह आज तुम बहुत सुंदर लग रही हो जैसे मैसेज भेजने लगा.

    होली का शर्मनाक किस्सा

    न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक एफआईआर में एक घटना का खास तौर पर जिक्र है. होली पर स्वामी चैतन्यानंद ने छात्राओं को लाइन में खड़ा करवाया और उनसे हरी ओम बोलकर उसके सामने झुकने के लिए कहा. इसके बाद उसने छात्राओं की मांग और गाल पर रंग लगाया. एक छात्रा ने आरोप लगाया कि इस दौरान उसने उसे जबरन छुआ और बार-बार बेबी कहकर पुकारा.

    सीसीटीवी पर नजर रखने का खेल

    जांचकर्ताओं के अनुसार, स्वामी चैतन्यानंद का दबदबा संस्थान और हॉस्टल दोनों जगहों पर इतना था कि वह छात्राओं की हर गतिविधि पर नजर रखता था. हॉस्टल की लॉबी से लेकर बाथरूम के बाहर तक लगाए गए सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज वह अपने मोबाइल फोन से देखता था. आर्थिक रूप से कमजोर तबके की करीब 75 छात्राएं इस हॉस्टल में रहती हैं और उन्हें यह अंदाजा तक नहीं था कि उनकी हर हरकत पर स्वामी चैतन्यानंद की नजर रहती है.

    ‘इंडस्ट्रियल विजिट’ के नाम पर शोषण

    मार्च 2025 में सरस्वती ने 35 छात्राओं को बीएमडब्ल्यू कार में ऋषिकेश ले गया. यह विजिट “इंडस्ट्रियल टूर” के नाम पर कराई गई, लेकिन असलियत में छात्राओं को देर रात उसके कमरे में बुलाया जाता. अभिभावकों के कॉल तक ब्लॉक कर दिए गए. छात्राओं ने बताया कि यह मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक प्रताड़ना का दौर था.

    महिला सहयोगी का दबाव

    मामले को दबाने और छात्राओं पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने में उसकी एक महिला सहयोगी, जो संस्थान में एसोसिएट डीन थी, भी शामिल थी. आरोप है कि जब छात्राओं ने शिकायत की तो उसने उनका साथ देने के बजाय उन्हें माफी मांगने वाले ईमेल लिखने के लिए मजबूर किया.

    गाड़ियों और ऐशोआराम का खेल

    जांच में खुलासा हुआ है कि चैतन्यानंद ने धार्मिक ट्रस्ट की संपत्तियों को निजी कंपनियों को किराए पर देकर मोटी कमाई की और उस पैसे से लग्जरी गाड़ियां खरीदीं. उसके पास वोल्वो और बीएमडब्ल्यू जैसी गाड़ियां थीं. वोल्वो पर फर्जी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट ’39 UN 1′ लगी मिली. मार्च में खरीदी गई बीएमडब्ल्यू से उसने छात्राओं से उसकी पूजा करवाई, गाने बजाए और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं.

    सबूत मिटाने की कोशिश

    पुलिस का कहना है कि स्वामी चैतन्यानंद ने संस्थान के डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) से छेड़छाड़ कर सीसीटीवी फुटेज मिटाने की कोशिश की. हालांकि पुलिस को उम्मीद है कि उसकी बीएमडब्ल्यू की डैशकैम फुटेज से महत्वपूर्ण सबूत हाथ लग सकते हैं.

    विदेश भागने की कोशिश का शक 

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वामी चैतन्यानंद ने हाल ही में विदेश यात्रा भी की थी और गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाई और अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की. इसीलिए उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया गया है ताकि वह देश से बाहर न जा सके.

    कसता जा रहा कानूनी शिकंजा

    वसंत कुंज नॉर्थ थाने में सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 75(2) (यौन उत्पीड़न), 79 (शब्द, इशारा या कृत्य से महिला की मर्यादा भंग करना) और 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    संस्थान ने जारी किया  बयान

    श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट (एसआरआईएसआईआईएम) ने चार पन्नों का प्रेस स्टेटमेंट जारी कर कहा कि जैसे ही आरोपों की जानकारी मिली, छात्राओं की सुरक्षा के लिए तुरंत कदम उठाए गए. बयान में कहा गया कि 19 जुलाई 2025 को 300 से अधिक पन्नों के दस्तावेजों के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और 23 जुलाई को मामला एफआईआर में बदल गया.

     

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