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    ‘उसी से निकाह कराओ, नहीं तो मर जाऊंगी…’, कहकर युवती ने खाया जहर, फिर ऐसे हुई प्यार की हैप्पी एंडिंग

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    ‘उसी से निकाह कराओ, नहीं तो मर जाऊंगी…’, कहकर युवती ने खाया जहर, फिर ऐसे हुई प्यार की हैप्पी एंडिंग


    उत्तर प्रदेश में सहारनपुर जनपद के कस्बा गंगोह में प्रेम प्रसंग का एक मामला नगरभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. यहां परिजनों की नाराजगी और विरोध के बीच एक युवती ने प्रेम विवाह करने की जिद में जहर खाकर अपनी जान देने का प्रयास कर लिया, लेकिन समय रहते उसे अस्पताल में भर्ती कराकर उसकी जान बचा ली गई. बताया जा रहा है कि युवती का मोहल्ले के ही एक युवक से कई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था और दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन शादी के लिए युवती के परिजन बिल्कुल भी तैयार नहीं हो रहे थे.

    परिजनों का विरोध लगातार बढ़ता गया और इससे आहत होकर युवती ने बुधवार की शाम जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई और आनन-फानन में परिजनों ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया. यहां इलाज कर उसकी जान बचाई गई.

    इस घटना की सूचना जैसे ही राष्ट्रीय लोक दल के प्रदेश उपाध्यक्ष और वरिष्ठ समाजसेवी हाजी सलीम कुरैशी को मिली तो वह तुरंत सक्रिय हो गए और दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया. हाजी सलीम कुरैशी ने बताया कि युवती का कहना था कि यदि उसका निकाह प्रेमी से नहीं हुआ तो वह अपनी जान दे देगी और इस दुनिया में नहीं रहेगी. युवती की जिद और उसके जीवन के खतरे को देखते हुए हाजी सलीम कुरैशी ने दोनों परिवारों को काफी देर तक समझाया और उन्हें इस बात के लिए राजी करने की कोशिश की कि यदि दो लोग आपस में शादी करना चाहते हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं तो उन्हें शादी करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

    हालांकि, शुरुआत में युवती के परिजन तैयार नहीं हुए और नाराजगी जताते रहे, लेकिन हालात बिगड़ते देख आखिरकार दोनों पक्षों ने निकाह के लिए सहमति दे दी. वीरवार की सुबह कुरैशी के निवास स्थान पर ही दोनों का निकाह संपन्न कराया गया और निकाह की सभी रस्में पूरी कराई गईं. हालांकि निकाह के बाद भी युवती के परिजन नाराज दिखाई दिए और उन्होंने यह ऐलान कर दिया कि वह अब अपनी बेटी से कोई संबंध नहीं रखेंगे, मगर प्रेमी-प्रेमिका के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी.  

     कुरैशी ने जानकारी देते हुए बताया कि अजीम और चांदनी लंबे समय से एक-दूसरे को पसंद करते थे, लेकिन अलग-अलग बिरादरी से होने के कारण शादी को लेकर दिक्कतें आ रही थीं. मैंने पहले लड़की के परिजनों से बात की और फिर लड़के के परिजनों से संवाद किया और सभी को यह समझाया कि यदि लड़की इस हद तक जिद कर रही है कि अपनी जान देने के लिए भी तैयार है तो इससे अच्छा है कि उसका निकाह करा दिया जाए, जिससे उसकी जिंदगी सुरक्षित रहे और वह एक नई शुरुआत कर सके.  

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