बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) अभियान में गंभीर लापरवाही सामने आई है. गोपालगंज जिले के गोपालगंज विधानसभा क्षेत्र के हिरापाकड गांव के 55 वर्षीय मदन प्रसाद को मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिया गया है. चुनाव आयोग के द्वारा एक अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी किए जाने के बाद मदन प्रसाद अपने मतदान केंद्र पर जाकर मतदाता सूची देख हैरान रह गए, क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची से काट कर मृतकों की सूची में डाल दिया गया है.
मृत घोषित कर काट दिया गया नाम
मदन प्रसाद के पास निर्वाचन आयोग के द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड (BFW4625315) मौजूद है. उन्होंने बताया कि बीएलओ हमारे घर फार्म देने नहीं आए थे, तो हमने सोचा कि मेरा नाम होगा, इसलिए फार्म देने नही आए हैं, स्कूल में लिस्ट लगा हुआ था, जाकर देखा तो मेरा नाम मृतकों की सूची में डाल दिया गया है, अब इस बात का दुख है कि जिंदा रहते हुए मृत घोषित कर दिया गया है.
पीड़ित व्यक्ति लगा रहे बीएलओ का चक्कर
सिस्टम की लाचारी से जीवित रहते मतदाता सूची में मृत घोषित कर दिए गए मदन प्रसाद अब बीएलओ से लेकर अधिकारियों तक अपने जिंदा होने का सबूत देकर पुनः मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए दौड़ लगाते नजर आ रहे हैं.
SDM ने कहा अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में जुट जाएगा नाम
इस संबंध में सदर एसडीएम अनिल कुमार ने बताया कि किसी कारण वश मदन प्रसाद जो हिरापाकड के रहने वाले हैं, उनका नाम मृतक सूची में चला गया है, जैसे ही इस मामले की जानकारी बीएलओ के द्वारा फार्म 6 भरकर सत्यापित कर दिया गया है, मेरे द्वारा भी जांच कर सत्यापित कर दिया गया है, अंतिम प्रकाशित मतदाता सूची में उनका नाम शामिल हो जाएगा.
SIR पर विपक्ष लगातार उठा रहा है सवाल
विधानसभा चुनाव से पहले बिहार में मतदाता पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है. विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग पर “वोट चोरी” और सूची में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं. इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में राज्यभर में “वोट अधिकार यात्रा” भी कर रहा है. अब इस तरह के मामले सामने आने के बाद सवाल उठना तो लाजिमी है.
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