प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर फ़ोन पर बातचीत हुई है. बातचीत के दौरान जेलेंस्की ने प्रधानमंत्री को यूक्रेन से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया है. वहीं, प्रधानमंत्री ने यूक्रेनी राष्ट्रपति को शांति बहाली के हर प्रयास में भारत की समर्थन की बात कही है.
प्रधानमंत्री मोदी अभी चीन के दो दिवसीय दौरे पर हैं. SCO समिट में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री चीन पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री सात साल बाद चीन के दौरे पर गए हैं. चीन की ये यात्रा बेहद अहम है, क्योंकि ट्रंप के टैरिफ की वजह से अमेरिका और भारत के रिश्तों में दरार आया है.
जेलेंस्की और प्रधानमंत्री मोदी के बीच क्या हुई बातचीत?
प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया है कि जेलेंस्की और प्रधानमंत्री मोदी के बीच क्या बातचीत हुई है. प्रधानमंत्री मोदी ने जेलेंस्की का मौजूदा घटनाक्रम के बारे में जानकारी देने के लिए आभार जताया है और साथ ही शांति बहाली और समाधान के प्रयासों के समर्थन की बात कही है.
प्रधानमंत्री ने जेलेंस्की को आश्वासन दिया कि शांति बहाली की दिशा में भारत हर संभव मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है.
SCO शिखर सम्मेलन में मोदी और पुतिन की होगी मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी और जेलेंस्की के बीच संघर्ष को लेकर हुई फ़ोन पर बातचीत बेहद अहम है. क्योंकि SCO शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात होनी है. जेलेंस्की की ओर से प्रधानमंत्री को फोन कॉल किया गया था.
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सम्मेलन के दौरान पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी की अलग से द्विपक्षीय बैठक का कार्यक्रम है. इस बैठक में रूस-यूक्रेन संघर्ष, द्विपक्षीय व्यापार, टैरिफ़ और एनर्जी सेक्टर जैसे मुद्दों पर बातचीत के आसार हैं.
SCO शिखर सम्मेलन का महत्व क्या है?
चीन में आयोजित हुआ SCO शिखर सम्मेलन कई मायनों में बेहद अहम है. दुनिया भर के मुल्क अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति से परेशान हैं. ऐसे में चीन, भारत और रूस जैसे मुल्कों के प्रमुख नेता एक जगह मिलेंगे और बैठक करेंगे तो वैश्विक राजनीति को नई दिशा मिल सकती है.
चीन ने भी भारत की तरह ट्रंप की टैरिफ नीति का कड़ा विरोध किया है. हालांकि, चीन पर भारत से कम टैरिफ दर लगाया गया है.
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