रूस-यूक्रेन युद्ध की आग एक बार फिर तेज हो गई है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भारत पर बड़ा आरोप लगाया है. इतना ही नहीं, उन्होंने चीन और ब्राजील जैसे देशों को भी कड़ी चेतावनी दी है. कीव पर रूस के ताजा मिसाइल और ड्रोन हमले में दर्जनों निर्दोषों की मौत के बाद ग्राहम ने कहा कि भारत पुतिन का समर्थन करने की कीमत चुका रहा है.
सीनेटर ने भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर रूस से तेल खरीदकर उसकी युद्ध मशीन को ताकत देने और मासूम नागरिकों की मौत का जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने तीनों देशों का नाम लेते हुए चेतावनी दी कि रूस की युद्ध मशीन को सहारा देने की वजह से इन देशों को परिणाम भुगतने होंगे.
ग्राहम ने एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि ये देश अप्रत्यक्ष रूप से नागरिकों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए लिखा, “भारत, चीन, ब्राज़ील और अन्य देश… आपको कैसा लग रहा है कि आपकी खरीदारी के कारण मासूम नागरिकों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, की जान चली गई?”
उन्होंने आगे लिखा, “भारत पुतिन का समर्थन करने की कीमत चुका रहा है. बाकियों को भी जल्द ही इसका एहसास होगा.”
भारत पर लगातार आरोप लगा रहा अमेरिका
गौरतलब है कि अमेरिका लगातार भारत पर रिफाइनरी मुनाफाखोरी और रूस को अप्रत्यक्ष रूप से यूक्रेन युद्ध के लिए फंडिंग करने का आरोप लगा रहा है. अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से जिस पैसे से कच्चा तेल खरीदता है, रूस उस पैसे का इस्तेमाल और हथियार बनाने और यूक्रेनी मारने में करता है. इतना ही नहीं, इन्हीं आरोपों के चलते अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. हालांकि भारत कई बार इस पर अपनी स्थिति स्पष्ट कर चुका है और इन आरोपों को खारिज कर चुका है.
रूस के ताजा हमले में यूक्रेन में 21 लोगों की मौत
रूस ने गुरुवार सुबह यूक्रेन की राजधानी कीव पर भीषण हवाई हमला किया. इसमें राजधानी के केंद्रीय इलाक़े पर दुर्लभ सीधा वार हुआ, जिसमें कम से कम 21 लोगों की मौत और 48 लोग घायल हो गए. यह हमला हाल के हफ्तों में सबसे बड़ा था. इसमें यूरोपीय संघ के राजनयिक दफ़्तरों को नुकसान पहुंचा, हजारों खिड़कियां टूट गईं और लगभग 100 इमारतें (जिनमें एक शॉपिंग मॉल भी शामिल है) तबाह हो गईं.
यूक्रेन की वायुसेना ने बताया कि रूस ने 598 ड्रोन और डिकोय के साथ 31 मिसाइलें दागीं, जिनमें से ज़्यादातर कीव को निशाना बनाकर छोड़ी गई थीं. कीव अधिकारियों ने पुष्टि की कि 10 जिलों में 33 स्थान सीधे हमले या मलबे की चपेट में आए. यह हमला उन चंद मौकों में से एक था जब 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से रूस ने कीव के केंद्र में सीधा वार किया.
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