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    10,000 लगाते ही वापस मिले 13 हजार रुपये, साइबर ठगों ने प्रोफेसर को ऐसे लगाया 2 करोड़ का चूना

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    10,000 लगाते ही वापस मिले 13 हजार रुपये, साइबर ठगों ने प्रोफेसर को ऐसे लगाया 2 करोड़ का चूना


    साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जहां के एक रिटायर्ड प्रोफेसर के साथ 2 करोड़ रुपये की ठगी की गई है. साइबर ठगों ने प्रोफेसर को बड़ी ही चालाकी से शिकार बनाया और उनके बैंक खाते को खाली कर दिया. ये जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स से मिली है. आइए इसके बारे में जानते हैं. 

    आंध्र प्रदेश में 2 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है, जहां साइबर ठगी की शुरुआत एक WhatsApp Group से हुई है. यहां WhatsApp Group के एडमिन ने दावा किया था कि वह असल में इनवेस्टमेंट को लेकर सलाह देते हैं. आखिर में वह 2 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का शिकार हो गए. फिर उन्होंने 18 जून को कंप्लेंट दर्ज कराई. 

    फेक इनवेस्मेंट के जाल में फसे प्रोफेसर 

    साइबर ठगों ने कई फर्जी दावे और वादे किए. उन्होंने खुद का कनेक्शन एक जानी-मानी कंपनी से बताया. बतौर प्रोफेसर वे उस बड़ी कंपनी के बारे में जानते थे और झांसे में आ गए. इसके बाद प्रोफेसर इनवेस्टमेंट को तैयार हो गए, जिसके बाद एक महिला ने विक्टिम से कॉन्टैक्ट किया है. महिला ने खुद को उस कंपनी का रिप्रेंटेटिव बताया और इनवेस्टमेंट में मदद करने का वादा किया. इसके बाद महिला ने विक्टिम को दिशा-निर्देश दिए और उन्हें फॉलो करने को कहा. 

    पहले लगाए 10 हजार रुपये 

    विक्टिम ने शुरुआत में 10 हजार रुपये की इनवेस्टमेंट कर दी है और कुछ ही समय के अंदर विक्टिम को 13 हजार रुपये वापस मिल गए. इसके बाद विक्टिम को लगने लगा कि वह सही काम है. 

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    एक महीने में लगाए 1.9 करोड़ रुपये 

    रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद विक्टिम ने अगले पांच सप्ताह के दौरान करीब 1.9 करोड़ रुपये की इनवेस्टमेंट कर दी है. इसके बाद मई के आखिर तक विक्टिम को फेक वॉलेट में 35 करोड़ रुपये का बैलेंस नजर आने लगा. 

    रुपये निकालने की कोशिश 

    इसके बाद विक्टिम ने उस अमाउंट में से 5 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की, तो साइबर ठगों ने उनसे 32 लाख रुपये की डिमांड रखी. इसके बाद डील 7.9 लाख रुपये पर तय हुई. 

    ऐसे हुआ साइबर ठगी का भंडाफोड़ 

    एक बार 7.9 लाख रुपये की पेमेंट के बाद उनका अकाउंट अचानक ब्लॉक हो गया. इसके बाद वे उसे तुरंत अनब्लॉक कराना चाहते थे. इसके बाद विक्टिम का संपर्क दूसरे शख्स से हुआ, जो साइबर ठग था. उसने भी कुछ रुपयों की डिमांड कर दी. फिर विक्टिम को पता चला कि वह साइबर ठगी के शिकार हो चुके हैं. इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया और कंप्लेंट दर्ज कराई. 

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    कई लोग हो चुके हैं शिकार 

    साइबर ठगी का यह कोई पहला केस नहीं है, इससे पहले भी ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं. जहां साइबर स्कैमर्स विक्टिम को डराते, धमकाते या फिर लालच देकर लाखों रुपये की ठगी करते हैं. ऐसे लोगों से और उनके मैसेज से सावधान रहना चाहिए.  



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