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    ‘हमने जाति नहीं छुपाई, यादव सुनते ही बोले ये ब्राह्मणों का गांव है…’, इटावा में कथावाचक पिटाई कांड की कहानी उसी की जुबानी

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    ‘हमने जाति नहीं छुपाई, यादव सुनते ही बोले ये ब्राह्मणों का गांव है…’, इटावा में कथावाचक पिटाई कांड की कहानी उसी की जुबानी


    इटावा का कथावाचक की जाति पूछने के बाद पिटाई, बाल काटने और महिला के पैर पर नाक रगड़वाने का वीडियो वायरल होने के बाद सियासत तेज हो गई है. इस घटना के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं समजावादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. 

    इससे पहले कथा कहने गांव में आए संत सिंह यादव और मुकुटमणि ने क्या, कब और कैसे हुआ इसकी पूरी कहानी बताई, संत सिंह यादव ने बताया कि घटना दानरपुर गांव की है।  हम यहां भागवत करने आए थे. हमारे पास गांव के मंदिर के एक पाठक बाबा और उनके साथ में पप्पू महाराज  आए. हमसे भागवत कहने के लिए बोले. उनके निवेदन पर हम लोग गांव में कथा कहने पहुंचे. हमारे जो है मुख्य वक्ता है मुकुटमणि शास्त्री उनके साथ मैं सहायकी करता हूं. 

    पहले स्कूल चलाते थे

    संत यादव ने बताया कि पहला श्लोक हो गया भागवत भी शुरू हो गई. शाम को उन लोगों ने पता लगाया होगा तो वो बोले कहां के रहने वाले हो. तो हमने कहा रहने वाले तो कानपुर के हैं. पहले हम शिक्षक थे स्कूल चलाते थे. स्कूल बंद हो गया तो इसके बाद हम भागवत करने लगे. तो वो लोग बोले की पता चला है कि तुम्हारी जाति बहुत छोटी है. हमने कहा हम यादव हैं.तो उन्होंने आईडी मांगी. हमारे पास आधार कार्ड भी नहीं था. हमने कहा कि नंबर ले लो हमारा हमारे घर से पता लगा लो.

    यादव सुनते ही मारा

     इन्होंने नंबर लिया हमारे बेटे से पूछा. बेटे के नाम में जैसे ही यादव सुना। इन्होंने कहा की यह तीन सौ देवी के ब्राह्मणों का गांव है.  यादव होकर यहां भागवत करने आए हो. और इन्होंने हमें बहुत मारा. रात भर इन्होंने बहुत टॉर्चर किया. यहां तक की हमारे बाल काट दिए. संत सिंह यादव ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने एक महिला का मूत्र हमारे ऊपर छिड़का. इसके बाद बोले ब्राह्मण का मूत्र तुम्हारे ऊपर पड़ गया अब तुम पवित्र हो गए. संत कुमार का कहना है कि हमने तो शुरू में ही सब कुछ बता दिया था, जब यहां आए तो कहा गया कि तुम्हारी हिम्मत कैसे पड़ गयी की ब्राह्मणों के गाँव में आने की। ब्राह्मणों के गाँव में तुम गद्दी पे बैठे हो. 

    हमें तो ब्राह्मण वक्ता चाहिए 

    मुकुट मणि ने बताया कि  मैं कथा वाचक हूं.  गांव वालों ने मुझे बंदी बना लिया. मोबाइल छीन लिया. 25 हजार रूपए, एक जंजीर और चार अंगूठी ले ली थी. बाद में तीन अंगूठी वापस कर दी. लात घुसों से मारा और उसके बाद उन्होंने पैर छुवाए. पहले हमारे सहायक आचार्य जी की छोटी काटी फिर हमारी काटी. इसके बाद बजरंगबली के जयकारे लगाए. उसके बाद हमको वहां से निकाल दिया. वजह ये थी हम जाति के यादव हैं और उन्होंने कहा हमें ब्राह्मण वक्ता चाहिए तो मैंने कहा ये तो तुम पहले सोच लेते। पहले तो तुमने पूछी नहीं जाति, बाद में आपने जाति पूछी. जैसे ही उन्होंने हमारे मुंह से यादव सुना तो बोले  ये गांव ब्राह्मणों का है. यहां आप कथा नहीं कह सकते हो. 

    चार आरोपियों की गिरफ्तारी 

     वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, इटावा  बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि थाना बकेवर पुलिस द्वारा पीडित की पहचान कर तहरीर मिल गई है. केस दर्ज हो गया है. विवेचना जारी है.  पुलिस टीम द्वारा 04 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है.

     





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