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    ‘मुस्लिम देश अब भारत के साथ…’, खाड़ी देशों से लौटे डेलिगेशन लीडर जय पांडा का PAK पर निशाना

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    ‘मुस्लिम देश अब भारत के साथ…’, खाड़ी देशों से लौटे डेलिगेशन लीडर जय पांडा का PAK पर निशाना


    पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर का मकसद और दुनिया के सामने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को बेनकाब करने के लिए भारत के डेलिगेशन दुनियाभर के दौरे पर गए. बीजेपी सांसद जय बैजयंत पांडा के नेतृत्व में सांसदों की एक टीम खाड़ी देशों के दौरे पर गई. 

    इस डेलिगेशन में शामिल निशिकांत दुबे, फंगनन कोन्याक, रेखा शर्मा (सभी भाजपा), असदुद्दीन ओवैसी (एआईएमआईएम), सतनाम संधू (मनोनीत), पूर्व मंत्री गुलाम नबी आजाद और पूर्व विदेश सचिव हर्ष श्रृंगला ने सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और अल्जीरिया का दौरा किया.

    वापस लौटने के बाद जय पांडा ने आजतक से खास बातचीत की. इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान और विपक्ष दोनों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की झूठी छवि अब दुनिया के सामने बेनकाब हो चुकी है और मुस्लिम देश अब भारत के साथ खड़े हैं. 

    ‘पाकिस्तान को अब यह समझ में आ गया है…’

    जय पांडा ने कहा, “पाकिस्तान को अब यह समझ में आ गया है कि यह नया भारत है. अगर अब भी वह नहीं समझा, तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. ‘अमन की आशा’ जैसी पहलें विफल हो चुकी हैं और अब भारत किसी भी प्रकार की आतंकी चालों को बर्दाश्त नहीं करेगा.”

    उन्होंने आगे कहा, “आज की स्थिति यह है कि मुस्लिम ब्रदरहुड भी पाकिस्तान के पीछे नहीं है. ज्यादातर मुस्लिम देशों ने पाकिस्तानी आतंकवाद का दर्द झेला है और वे अब भारत के साथ खड़े हैं.”

    विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “विपक्ष के कुछ निराश लोग शोर मचा रहे हैं. उन्हें हकीकत से आंखें नहीं मूंदनी चाहिए. विपक्ष को अब हकीकत को पहचानना चाहिए और ज़मीनी सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए.”

    32 देशों के दौरे पर गए 7 प्रतिनिधिमंडल

    बता दें कि भारत ने एक अभूतपूर्व और आक्रामक कूटनीतिक पहल की शुरुआत करते हुए सात संसदीय प्रतिनिधिमंडलों को 32 देशों के दौरे पर भेजा था. इन प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व वरिष्ठ सांसद और पूर्व मंत्रियों द्वारा किया गया. ये प्रतिनिधिमंडल अफ्रीका, खाड़ी क्षेत्र, यूरोप, अमेरिका और पूर्वी एशिया जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों के दौरे पर गए. इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य भारत के सहयोगी देशों के साथ गहरे संवाद स्थापित करना और पाकिस्तान की आतंकवाद में भूमिका को वैश्विक मंच पर उजागर करना है.



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