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    MP में मिला एक और फर्जी डॉक्टर! पेंटर दोस्त की डिग्री और नाम का इस्तेमाल कर करता था इलाज, ICU में महिला की मौत से खुला राज

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    MP में मिला एक और फर्जी डॉक्टर! पेंटर दोस्त की डिग्री और नाम का इस्तेमाल कर करता था इलाज, ICU में महिला की मौत से खुला राज


    मध्य प्रदेश में एक बार फिर डॉक्टर की डिग्री के नाम पर फर्जीवाड़ा सामने आया है. जहां कटनी के युवक के नाम पर एक शख्स जबलपुर के हॉस्पिटल में डॉक्टर बनकर डॉक्टरी करता रहा. लेकिन उससे हुई लापरवाही में एक महिला की मौत हो गई और उसके फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया. पकड़े गए आरोपी का नाम सतेंद्र सिंह है, जो जबलपुर के मार्बल हॉस्पिटल में बतौर डॉक्टर रहते हुए लोगों का इलाज करता था.

    जानकारी के अनुसार सतेंद्र अपनी असल पहचान छिपाकर एमबीबीएस (MBBS) डॉक्टर बृजराज सिंह उईके के नाम से जाना जाता था. आरोपी सतेंद्र की 10वीं, 12वीं से लेकर जाति प्रमाण सब ब्रजराज सिंह उईके का है. ब्रजराज सिंह उईके अपना परिवार चलाने के लिए पेंटिंग का काम करता है. ऐसे में पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है. 

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    जानें पूरा मामला

    सतेंद्र सिंह निषाद और बृजराज सिंह उईके दोनों दोस्त हैं. दोनों ने 12वीं तक की पढ़ाई कटनी में साथ की थी. अच्छे दोस्त होने के चलते सतेंद्र ने बृजराज की 10वीं और 12वीं की मार्कशीट लेते हुए उसके नाम का इस्तेमाल किया और बृजराज के नाम से डॉक्टर बन गया. हालांकि फर्जीवाड़े वाले इस डॉक्टर से नाइट ड्यूटी के दौरान एक महिला के इलाज में लापरवाही हुई. जिसमें उसकी मौत हो गई. 

    जिसके बाद महिला के बेटे ने हंगामा कर दिया और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. हालांकि, अस्पताल की तरफ से उसे डॉक्टर से नहीं मिलने दिया गया. इसके बाद काफी खोजबीन के बाद महिला का बेटा मनोज आरोपी बृजराज तक पहुंच गया. लेकिन जब उसने बृजराज से पूछताछ की तो पता चला कि वह पेंटिंग का काम करता है. बृजराज ने बताया कि उसके दोस्त सतेंद्र ने उसकी मार्कशीट का उपयोग करते हुए MBBS की डिग्री ली है.

    साथ ही बृजराज ने यह भी कहा कि उसने मेरी 10वीं-12वीं की मार्कशीट, डिजिटल जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य डॉक्यूमेंट लिया था. वो मेरे नाम से जबलपुर में डॉक्टर बन गया और मैं कटनी में घर चलाने के लिए पुताई का काम करता हूं. इस मामले को लेकर मुझसे पूछताछ फरवरी में हुई थी. जो लगातार जारी है. मैंने जांच टीम को सभी जानकारी दे दी है. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि अगर सतेंद्र ने MBBS की असली डिग्री ली है तो उसने दूसरे के नाम से क्यों ली. हालांकि, पूरे मामले का खुलासा जांच के बाद ही होगा.  



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