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    तनाव से परमाणु अटैक तक… ये हैं 44 लेवल, जब दो मुल्कों के बीच छिड़ जाती है भीषण जंग

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    तनाव से परमाणु अटैक तक… ये हैं 44 लेवल, जब दो मुल्कों के बीच छिड़ जाती है भीषण जंग


    भारत और पाकिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ रहा है. पहलगाम हमले के बाद इंडियन आर्मी ने पाकिस्तान पर एयरस्ट्राइक की और इस दौरान आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया. इसके बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में LoC पर लगातार फायरिंग शुरू की और स्थानीय नागरिकों को निशाना बनाया. ऐसे में आइए समझते हैं कि दो देशों के बीच तनाव की स्थिति में जंग के क्या क्रम होते हैं.

    क्या है युद्ध का क्रम?

    दो देशों के बीच जब तनाव होता है, तो बातचीत से लेकर परमाणु हथियार के इस्तेमाल तक 44 अलग-अलग स्तर होते हैं. एक एस्केलेशन लैडर होता है. हरमन कान (Herman Kahn) नाम के एक एक रणनीतिकार ने इसको इजाद किया था. इस थ्योरी के जरिए अगर भारत और पाकिस्तान की बात की जाए, तो इस वक्त दोनों देशों के बीच राजनीतिक बहस और बयानबाजी हो रही है, जिसको पहला स्तर माना जाता है.

    भारत और पाकिस्तान इससे कहीं आगे पहुंच चुके हैं. अगर आतंक का सहारा लिया जाए तो वो दूसरा स्तर होता है और पहलगाम के जरिए पाकिस्तान दूसरे स्तर को पार कर चुका है क्योंकि पाकिस्तान ने आतंक का सहारा लिया हिंदुओं को निशाना बनाया गया. 

    अगला स्तर छोटे सैन्य टकराव का है. यह मौजूदा वक्त में नियंत्रण रेखा पर हो रहा है. एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से लगातार सीजफायर उल्लंघन किया जा रहा है, यह तीसरे स्तर में आता है.

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    ‘पांचवें स्तर में पूरा युद्ध…’

    चौथे स्तर में सीमित युद्ध होता है, जैसे कारगिल की लड़ाई एक सीमित युद्ध था. पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पार की और हमारे इलाके में घुसा और भारत ने कारगिल क्षेत्र में अपनी तोपें तैनात की और लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया. सियाचिन ग्लेशियर तक वो पूरा युद्ध यानि लद्दाख क्षेत्र तक ही सीमित रहा. 

    पांचवें स्तर में पूरा युद्ध होता है और दोनों तरफ से अपनी सेनाओं का इस्तेमाल किया जाता है. इसका उदाहरण 1965 और 1971 का युद्ध है. इसके बाद अगर परमाणु हथियारों की नुमाइश होती है, तो ये छठे स्तर में आता है. 

    अभी गनीमत है कि दोनों ही देश अभी छठे स्तर पर नहीं पहुंचे है. इसके बाद, सातवां स्तर परमाणु युद्ध का होता है. अगर परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हो जाए तो वह सातवें स्तर में गिना जाता है.

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    अगर इतिहास पर नजर डाली जाए, तो ऐसा दुनिया के इतिहास में केवल एक ही बार हुआ है. अमेरिका ने सेकंड वर्ल्ड वार में हिरोशिमा और नागासाकी पर एटॉमिक बम दागे थे, वो दुनिया के इतिहास में इकलौता ऐसा उदाहरण है, जहां परमाणु हथियारों का इस्तेमाल हुआ. 

    हालांकि, दुनिया के कई देश परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बेहद करीब पहुंच चुके हैं लेकिन बस वही एक बार था जब दोनों देश परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के ना केवल पास पहुंचे बल्कि इसका इस्तेमाल भी किया गया. अमेरिका ने परमाणु हथियार का इस्तेमाल किया था. 

    ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने जिस तरह से पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एक के बाद एक ताबड़तोड़ बमबारी की है. दोनों ही देशों के बीच जो तनाव है वो इसी एस्केलेशन लैडर में बहुत ज़्यादा बढ़ गया है. लेकिन अभी भी ये दोनों देशों के बीच खुले युद्ध की स्थिति में नहीं पहुंचा है और इसीलिए अभी परमाणु युद्ध की बात करना भी बेमानी ही होगा.



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