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    300 न्यूक्लियर बमों से संतुष्ट नहीं है ये देश, राष्ट्रपति बोले- हम अपनी परमाणु ताकत बढ़ाएंगे

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    300 न्यूक्लियर बमों से संतुष्ट नहीं है ये देश, राष्ट्रपति बोले- हम अपनी परमाणु ताकत बढ़ाएंगे


    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा है कि फ्रांस अपने परमाणु बम की संख्या बढ़ाएगा. फ्रांस के पास अभी 300 परमाणु बम हैं, लेकिन फ्रांस इससे संतुष्ट नहीं है. फ्रेंच राष्ट्रपति ने फ्रांस की परमाणु नीति में बड़े बदलाव की घोषणा की. उन्होंने कहा कि केवल फ्रांस के राष्ट्रपति को ही परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का फैसला लेने का अधिकार है. मैक्रों ने स्पष्ट किया कि फ्रांस की परमाणु रक्षा  की कमान पूरी तरह फ्रांसीसी राष्ट्रपति के पास रहेगी.

    राष्ट्रपति मैक्रों ने घोषणा की कि उन्होंने फ्रांस के परमाणु शस्त्रागार में वारहेड्स की संख्या यानी परमाणु बमों की संख्या बढ़ाने का आदेश दिया है. यह दशकों में पहली बार है जब फ्रांस अपने परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ा रहा है. फ्रांस ने इससे पहले 1992 में अपने परमाणु बमों को बढ़ाया था. 

    वर्तमान में फ्रांस के पास लगभग 300 वारहेड्स हैं, लेकिन भविष्य में इस संख्या की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाएगी. मैक्रों ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों और प्रतिस्पर्धियों के विकास को देखते हुए परमाणु निरोधक क्षमता को मजबूत करना जरूरी है, ताकि फ्रांस की विनाशकारी शक्ति सुनिश्चित रहे. 

    यह भी पढ़ें: ईरान पर US के हमले के बाद परमाणु बम को लेकर कंफ्यूज किम जोंग! क्या ट्रंप से करेंगे बात

    मैक्रों के भाषण का मकसद यह बताना था कि US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के साथ बार-बार तनाव से कॉन्टिनेंट पर जो चिंताएं बढ़ रही हैं, उनके बीच फ्रांस के न्यूक्लियर हथियार यूरोप की सिक्योरिटी में कैसे फिट होते हैं. 

    मैक्रों ने ‘फॉरवर्ड डिटरेंस’ नाम से एक नई अवधारणा पेश की, जिसे उन्होंने फ्रांस की परमाणु रणनीति में नया कदम बताया. इसके तहत कुछ परिस्थितियों में फ्रांस अपने रणनीतिक परमाणु एसेसट्स को सहयोगी देशों में अस्थायी रूप से तैनात कर सकता है. मैक्रों ने कहा कि यह यूरोपीय सुरक्षा के लिए एक नया कदम है और कई यूरोपीय साझेदार देश फ्रांस के साथ परमाणु अभ्यासों पर रणनीतिक संवाद के लिए तैयार हैं.

    2 मार्च, 2026 को पश्चिमी फ्रांस में आइल लॉन्ग नेवल बेस से बोलते हुए फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांस के न्यूक्लियर डॉक्ट्रिन में एक बड़ा बदलाव बताया. यह देश की न्यूक्लियर-आर्म्ड बैलिस्टिक-मिसाइल सबमरीन का होम पोर्ट है.

    न्यूक्लियर डिटरेंस का मकसद फ्रांस के जरूरी हितों को खतरा पहुंचाने वाले किसी भी देश को रोकना है. मैक्रों ने जोर देकर कहा कि इन हितों को जानबूझकर खोजा गया है और इन्हें साफ तौर पर नहीं बताया जा सकता. 

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