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    ईरान का ‘बदलापुर’… सऊदी में धधकती रिफाइनरी, कुवैत में ड्रोन झेलते दूतावास और गिरते जेट

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    ईरान का ‘बदलापुर’… सऊदी में धधकती रिफाइनरी, कुवैत में ड्रोन झेलते दूतावास और गिरते जेट


    ईरान-अमेरिका और इजरायल जंग के तीसरे दिन भी ईरानी आर्मी खाड़ी देशों में प्रचंड हमले कर रही है. ईरान में ‘इंतकाम-इंतकाम’ के नारे लग रहे हैं. ताजा जानकारी के मुताबिक कुवैत में आज सुबह कई US मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश हो गए. इसके अलावा ईरान ने कुवैत, सऊदी अरब, साइप्रस में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं. ईरा ने इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है. 

    ईरान ने दोहा, कुवैत, दुबई और बहरीन की ओर मिसाइलों और ड्रोन की एक नई लहर शुरू की है. ईरान ने सोमवार को इज़रायऔर अरब देशों पर मिसाइलें दागीं, और यह जंग मिडिल ईस्ट में तेहरान के सपोर्ट वाले मिलिशिया तक फैल गई. हिज्बुल्लाह पर इजरायल पर हमला किया.

    कुवैत में कई मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश

    कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि आज सुबह कई US मिलिट्री एयरक्राफ्ट क्रैश हो गए. हालांकि इस हमले में उनका क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित है. 

    कुवैत ने हमले की पुष्टि की और कहा कि अधिकारी घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रहे हैं. 

    ईरान के हमले के बाद कुवैत में US एम्बेसी कंपाउंड के अंदर आग और धुआं देखा गया. कुवैत सिटी में US एम्बेसी में भारी नुकसान की खबर है.  

    सऊदी में दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनरी पर हमला

    सऊदी अरब में ईरान ने दुनिया के सबसे बड़े तेल रिफाइनरी अरामको पर हमला किया है. इस वक्त रिफाइनरी में भीषण आग लगी हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने शाहेद ड्रोन्स से रिफाइनरी पर हमला किया है. 

    सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने ड्रोन हमले के बाद अपनी रास तनुरा रिफाइनरी बंद कर दी है. इंडस्ट्री के एक सोर्स ने सोमवार को यह जानकारी दी. यह हमला ईरान पर US-इज़राइली हमले के जवाब में तेहरान के पूरे इलाके में हमले करने के बाद हुआ. 

    किंगडम के गल्फ कोस्ट पर रास तनुरा कॉम्प्लेक्स में मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी कैपेसिटी 550,000 बैरल प्रति दिन (bpd) है और यह सऊदी क्रूड के लिए एक ज़रूरी एक्सपोर्ट टर्मिनल के तौर पर काम करता है. 

    सोर्स ने कहा कि इसे एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया था और स्थिति कंट्रोल में है. 

    अरामको ने कमेंट के लिए ईमेल किए गए रिक्वेस्ट का तुरंत जवाब नहीं दिया.

    बहरीन में अमेरिकी फ्लीट, होटल, प्लाजा निशाने पर

    ईरान ने बहरीन पर तीसरे दिन (2 मार्च 2026) बदले की कार्रवाई जारी रखी है.  यह हमले अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में हो रहे हैं. बहरीन में ईरान के तीसरे दिन के भी मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रहे. खासकर राजधानी मनामा में. 

    ईरान ने US Navy की Fifth Fleet हेडक्वार्टर्स को फिर से टारगेट किया. जहां से पहले दिनों में भी हमले हुए थे वहां फिर से धुआं उठता देखा गया. ईरानी हमलों से कई इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है. 

    ईरानी हमलों में  हाई-राइज अपार्टमेंट्स जैसे Era Views Tower, होटल, जैसे Crowne Plaza और अन्य इमारतों पर ईरानी शाहेद ड्रोन या मिसाइलों से हमले हुए.  कुछ ड्रोन्स हमले इंटरसेप्ट हुए, लेकिन गिरे मलबे से आग लगी और नुकसान हुआ. 

    बहरीन के इंटीरियर मिनिस्ट्री के अनुसार एक इंटरसेप्टेड मिसाइल के मलबे से एक विदेशी जहाज पर आग लगी. 

    अबू धाबी में फ्रांसीसी हैंगर पर अटैक

    जंग के तीसरे दिन ईरान ने UAE के अबू धाबी पर हमला किया है. फ्रांस के रक्षा मंत्री ने कहा कि एक ड्रोन हमले में अबू धाबी बंदरगाह पर एक फ्रांसीसी नौसैनिक अड्डे के हैंगर को नुकसान पहुंचा.  ब्रिटिश रक्षा मंत्री जॉन हेली ने कहा कि ईरानी मिसाइल और ड्रोन बहरीन में 300 ब्रिटिश सैन्य कर्मियों के एक समूह के कुछ सौ गज की दूरी में गिरे. 

    रक्षा मंत्री हेली ने यह भी कहा कि साइप्रस की दिशा में दो मिसाइलें दागी गईं, जहां UK के बेस हैं, हालांकि साइप्रस सरकार के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया पर कहा कि ये खबरें सही नहीं हैं. 

    ईरान की सेना गल्फ देशों पर कहर बरपा रही है. ईरान को पता है कि हल्के और लो टेक्नॉलजी के प्रोजेक्टाइल भी गल्फ देशों के राजशाही सिस्टम को हिला सकते हैं. 

    जॉर्डन पर भी हमला जारी

    ईरान ने तीसरे दिन जॉर्डन पर बैलिस्टिक मिसाइलों, शाहेद ड्रोन्स से हमला किया. जॉर्डन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उसकी वायुसेना ने 49 से 54  ड्रोन्स और मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया. 

    ईरान पर मुख्य टारगेट मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस है, इसे किंग हुसैन एयर बेस भी कहते हैं. यहां पर अमेरिकी वायुसेना का अड्डा है. ईरान ने यहां लगातार हमला किया है. 

    कुवैत, कतर और बहरीन में एयरपोर्ट, पोर्ट और मिलिट्री बेस जैसे जरूरी हब को टारगेट करके, ईरान आर्थिक रुकावट डाल रहा है, जिससे ट्रैवल, ट्रेड और भरोसे से अरबों डॉलर का नुकसान हो रहा है.

    गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के देश, जिनमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और UAE शामिल हैं, ईरान के पास होने और US मिलिट्री बेस को रखने की वजह से ईरानी हमलों के लिए कमजोर हैं. 

    ड्रोन हमले ने अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के कमर्शियल हिस्सों को प्रभावित किया है. सोमवार को ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स ऑयल में लगभग 10% की तेज़ी आई है. सऊदी अरब की बहुत ज़्यादा मजबूत एनर्जी फैसिलिटी पर हमले की वजह से पूरे गल्फ में हड़कंप मचा हुआ है. 

    ईरान में अबतक 555 लोगों की मौत 

    ईरान की सरकारी मीडिया ने कहा है कि युद्ध शुरू होने के बाद से लेकर अबतक 555 लोगों की मौत हो चुकी है.

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