More
    Home Home हैवान पिता, शैतान बेटा और 5 हत्याएं…दहला देंगी शामली-जौनपुर की रिश्तों की...

    हैवान पिता, शैतान बेटा और 5 हत्याएं…दहला देंगी शामली-जौनपुर की रिश्तों की कातिलाना कहानी

    0
    20
    हैवान पिता, शैतान बेटा और 5 हत्याएं…दहला देंगी शामली-जौनपुर की रिश्तों की कातिलाना कहानी


    उत्तर प्रदेश के शामली और जौनपुर में बीते दिनों हत्या की ऐसी वारदातें हुई हैं जिसने क्रूरता की सभी हदें पार कर दी. दोनों जिलों से सामने आए दो मामलों ने इंसानियत को झकझोर दिया है, जहां भरोसे के रिश्ते ही मौत की वजह बन गए. कहीं बेटे ने माता-पिता को मौत के घाट उतारकर शवों को टुकड़ों में बांट दिया, तो कहीं पिता ने पत्नी और बेटियों को गोली मारकर घर के आंगन में दफना दिया. ये सिर्फ हत्याएं नहीं, परिवारों में टूटते भरोसे की भयावह तस्वीरें है जिससे लोग दहल गए हैं.

    संपत्ति के लिए बेटे ने कर डाले मां-बाप के टुकड़े-टुकड़े

    दरअसल जौनपुर के अहमदपुर गांव में रहने वाले श्याम बहादुर (65) और उनकी पत्नी बबिता (63) अपने बेटे अंबेश के साथ रहते थे. अंबेश पहले कोलकाता में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से वह अकेले गांव आया हुआ था और घर में इस दौरान पैसों और जमीन को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था.

    लोहे के बट्टे से मां को उतारा मौत के घाट, पिता को भी नहीं छोड़ा

    पुलिस के मुताबिक, 8 दिसंबर की रात विवाद इतना बढ़ गया कि अंबेश ने लोहे के बट्टे से पहले अपनी मां के सिर पर वार किया. इसके बाद जब पिता श्याम बहादुर ने किसी को फोन कर मदद लेने की कोशिश की, तो बेरहम बेटे ने उनके सिर पर भी ताबड़तोड़ हमला कर दिया और फिर पास पड़ी रस्सी से उनका गला कस दिया. दोनों की मौत के बाद आरोपी ने घर के बेसमेंट में रखी आरी और औजारों का इस्तेमाल कर शवों को टुकड़ों में काट डाला.

    शव के टुकड़ों को बोरियों में भरकर नदी में फेंका

    अंबेश का जब इससे भी मन नहीं भरा तो माता-पिता के शवों को तीन-तीन हिस्सों में कर कुल छह सीमेंट की बोरियों में भरा. फिर अपनी कार से शवों को लेकर वह बेलाव पुल पहुंचा और बोरियों को गोमती नदी में फेंक दिया. मां के शव का एक हिस्सा बोरी में न आने पर उसे अलग से वाराणसी जाते समय सई नदी में फेंक कर आगे निकल गया.

    अंबेश ऐसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

    घटना के बाद आरोपी जौनपुर और वाराणसी में घूमता रहा. इसी बीच 13 दिसंबर को मृतक दंपती की बेटी वंदना ने जाफराबाद थाने में माता-पिता और भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. पुलिस ने सर्विलांस के जरिए 15 दिसंबर को अंबेश को दबोच लिया जिसके बाद इस कातिल बेटे की सारी सच्चाई लोगों के सामने आ गई.

    बेरहम पति ने नकाब नहीं पहनने पर ली पत्नी-बच्चों की जान

    वहीं दूसरा मामला शामली का है जहां एक पति सिर्फ इसलिए दरिंदा बन गया क्योंकि उसकी पत्नी बिना बुर्का और नकाब पहने मायके चली गयी थी और उससे लगातार पैसों की मांग करती थी.

    शामली के एसपी एनपी सिंह ने बताया कि शक और पारिवारिक कलह की वजह से पति फारुख ने अपनी पत्नी और दो बेटियों को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी और शव को गायब करने की साजिश भी रची.

    घर के आंगन में दफ्न कर दी लाश

    आरोपी फारुख ने घर में पहले से ही गड्ढा खोद रखा था. ट्रिपल मर्डर के बाद पत्नी और दो बेटियों की लाशों को उसमें छुपाने के बाद उसने आसपास के लोगों को बता दिया कि पत्नी और दोनों बेटियों को मैं उनके घर (मायके) छोड़ आया हूं. 

    पुलिस के सामने फारुख ने क्या बताया ?

    पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद सनकी फारुख ने जो बताया वो और भी हैरान करने वाला था. उसने बताया की मेरी पत्नी पैसे मांगती थी उसको लेकर विवाद हुआ था और वो उस बात से नाराज़ होकर बिना बुर्का और नकाब पहने मायके चली गयी थी. जिन मासूम बेटियों की जान फारुख ने ली उनकी उम्र महज 6 और 14 साल थी. जांच में सामने आया कि महिला और उसकी दोनों बेटियां की हत्या सनकी फारुख ने 9 दिसंबर की रात को ही कर दी थी और फिर उन्हें घर के आंगन में दफ्न कर दिया था.

     

    —- समाप्त —-



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here