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    चार दिन से एयरपोर्ट्स पर हाहाकार, 20-20 घंटे तक इंतजार… समझें- इंडिगो वीकली रेस्ट नियमों को लागू क्यों नहीं कर पाया

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    चार दिन से एयरपोर्ट्स पर हाहाकार, 20-20 घंटे तक इंतजार… समझें- इंडिगो वीकली रेस्ट नियमों को लागू क्यों नहीं कर पाया


    पिछले 4 दिनों से Indigo Airline के हवाई यात्री बड़ी मुसीबत झेल रहे हैं. DGCA द्वारा बनाए गए नए नियमों को लागू करने में लापरवाही बरतने की वजह से Indigo का फ्लाइट शेड्यूल बिगड़ गया है. जिसका खामियाजा इंडिगो की सेवाएं लेने वाले हवाई यात्रियों को भुगतना पड़ा है. दरअसल, DGCA के नए नियमों की वजह से Indigo पिछले चार दिनों से क्रू मेंबर्स यानी पायलट, एयर हॉस्टेस और अन्य फ्लाइट स्टाफ की कमी से जूझ रहा है. उनके पास यात्रियों को ले जाने के लिए पायलट कम पड़ गए हैं.

    हालात ये है कि दिल्ली, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद समेत कई एयरपोर्ट्स पर पिछले 4 दिनों में सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द की गई हैं और सैकड़ों फ्लाइट्स कई-कई घंटे की देरी से चल रही हैं. शुक्रवार को ही 1000 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल हुईं. इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने शुक्रवार को जारी वीडियो संदेश में कहा कि पिछले कुछ दिनों से विमानन कंपनी के कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं. कंपनी का कामकाज पांच दिसंबर को सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. शुक्रवार को 1000 से ज्यादा फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं.

    हवाई यात्रियों को एयरपोर्ट्स पर 20-20 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है. इन हवाई यात्रियों को इंडिगो की तरफ से ना कोई मदद मिला पाई है, ना ही उड़ान से संबंधित कोई सटीक जानकारी मिल पा रही है. कुछ एयरपोर्ट्स पर हालात ये हैं कि खाना, पानी और जरूरी सामानों के लिए यात्रियों और इंडिगो एयरलाइन के स्टाफ में झड़प भी हो गई.

    हवाई यात्रियों को हो रही इस परेशानी की वजह DGCA द्वारा बनाए गए कुछ नए नियम हैं. Indigo ने इन नियमों को बिना किसी तैयारी और सही योजना बनाए लागू कर दिया, जिससे अव्यवस्था फैल गई. 

    DGCA के कौन से नियम लागू करने में हुई लापरवाही

    DGCA के नए नियम ये थे कि 7 दिन लगातार काम करने के बाद फ्लाइट स्टाफ को 2 दिन की छुट्टी दी जाए. नाइट लैंडिंग की अधिकतम सीमा 6 से कम करके 2 कर दी गई. नाइट लैंडिंग से मतलब ये है कि रात की शिफ्ट में फ्लाइट स्टाफ को अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर कितनी बार लैंड करवाया गया. इसके अलावा फ्लाइट स्टाफ की नाइट शिफ्ट को लगातार 2 रातों से ज्यादा ना करने के लिए कहा गया. लंबी उड़ानों के बाद पायलट को कम से कम 24 घंटे का आराम अनिवार्य किया गया. नाइट शिफ्ट की टाइमिंग भी रात 12 से सुबह 6 बजे तक कर दी गई, पहले ये 5 बजे तक थी.

    इन नियम को लागू करने का असर ये हुआ कि इंडिगो एयरलाइंस के पायलट और Crew की संख्या अचानक कम हो गई. इससे फ्लाइट शेड्यूल बिगड़ गया जिससे स्थिति खराब हो गई. DGCA के नियम सभी एयरलाइन कंपनियों के लिए थे और सभी ने धीरे धीरे इन नियमों को अपनाया. लेकिन इंडिगो में अव्यवस्था इसलिए फैली क्योंकि ये भारत की सबसे ज्यादा उड़ानें संचालित करने वाली एयरलाइन कंपनी है.

    देश में सबसे ज्यादा फ्लाइट ऑपरेट करती है इंडिगो

    बता दें कि Indigo एयरलाइंस प्रतिदिन 2300 उड़ानें संचालित करती है. ये एयर इंडिया की उड़ानों से करीब दोगुनी है. घरेलू उड़ानों में Indigo का मार्केट शेयर 64 प्रतिशत है. और दूसरी बड़ी एयरलाइन कंपनी ‘एयर इंडिया’ का मार्केट शेयर 27 प्रतिशत है. एक तरह से देखा जाए तो घरेलू मार्केट में इंडिगो एयरलाइंस का ही वर्चस्व है.

    दिक्कत ये आई कि Indigo के पास उड़ानों को संचालित करने के लिए जितने पायलट और फ्लाइट स्टाफ थे, वो नए नियमों को लागू करने के बाद कम पड़ गए. Indigo ने नियमों को लागू तो कर दिया, लेकिन ये नहीं सोचा कि कितने ज्यादा पायलट और अन्य स्टाफ की जरूरत पड़ने वाली है. योजना बनाने में हुई इस लापरवाही की वजह से हवाई यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी. हालांकि सरकार ने यात्रियों की परेशानी को देखते हुए Indigo को कुछ दिनों की छूट दे दी है. साथ ही चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई है जो इस लापरवाही की जांच करेगी.

    10 गुना तक बढ़ गई हवाई टिकट की कीमत

    इस अव्यवस्था का असर ये हुआ कि हवाई यात्रियों का अपनी मंजिल तक पहुंचना ज्यादा मुश्किल और ज्यादा खर्चीला बन गया. दिल्ली से जयपुर का हवाई टिकट 88 हजार रुपये तक पहुंच गया है. दिल्ली से मुंबई का हवाई टिकट की कीमत 70 हजार रुपये तक पहुंच गई है. मतलब ये है कि हवाई यात्रा से जुड़े टिकट की कीमतें 10 गुना तक बढ़ चुकी हैं. यानी हवाई यात्री या तो एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं या फिर 10 गुना तक ज्यादा पैसा देकर टिकट खरीद रहे हैं. और बड़ी खबर ये है कि परेशानी अगले 5 से 10 दिनों में जाकर ठीक होगी.

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