यूक्रेन ने काला सागर (Black Sea) में रूस की ‘शैडो फ्लीट’ पर जोरदार प्रहार किया है. यूक्रेन की सुरक्षा सेवाओं (Security Service of Ukraine) ने शनिवार को दावा किया कि उनके ‘सी बेबी’ (Sea Baby) समुद्री ड्रोन ने दो रूसी तेल टैंकरों ‘विराट’ और ‘काइरोस’ पर हमला किया, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रूसी तेल की तस्करी कर रहे थे. यह हमला शुक्रवार की घटना के ठीक बाद हुआ, जब दोनों जहाजों पर विस्फोटों ने तबाही मचाई थी.
सीएनएन के अनुसार, यह एसबीयू और यूक्रेनी नौसेना का संयुक्त अभियान था. रूसी तेल के परिवहन के लिए यह बड़ा झटका है, क्योंकि मॉस्को प्रतिबंधों से बचने के लिए ‘फ्लैग ऑफ कन्वीनियंस’ वाले जहाजों का जाल बिछाए हुए है. दोनों ऑयल टैंकर गैंबिया के झंडे वाले थे और खाली अवस्था में रूस के नोवोरोस्सिय्स्क बंदरगाह की ओर जा रहे थे.
ऑयल टैंकर ‘विराट’ के क्रू ने ओपन-फ्रीक्वेंसी रेडियो पर इमरजेंसी कॉल जारी की, जिसमें एक सदस्य चिल्ला रहा था, ‘यह विराट बोल रहा है. मदद चाहिए! ड्रोन हमला! मेडे… मेडे… मेडे!’ वीडियो रिकॉर्डिंग में यह साफ सुनाई दे रहा है. तुर्की के परिवहन मंत्रालय ने एक्स पर बयान जारी कर पुष्टि की कि रूसी ऑयल टैंकर विराट को शनिवार सुबह अनमैन्ड अंडरवाटर सी व्हीकल्स ने निशाना बनाया. यह जहाज काला सागर तट से लगभग 35 नॉटिकल मील दूर था.
Ukrainians attack two tankers of the Russian shadow fleet.
According to sources, SBU Sea Baby naval drones attacked the two sanctioned oil tankers KAIRO and VIRAT in the Black Sea. It was a joint operation between the SBU’s 13th Main Directorate for Military Counterintelligence… pic.twitter.com/U82scXaM5r
— Jürgen Nauditt 🇩🇪🇺🇦 (@jurgen_nauditt) November 29, 2025
तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुल्कादिर उरालोग्लू ने कहा, ‘जांचकर्ता बाहरी हमले के संकेतों की पड़ताल कर रहे हैं. यह माइन, रॉकेट, ड्रोन या अनमैन्ड अंडरवाटर सी व्हीकल्स से किया गया हमला हो सकता है.’ उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले में जहाज विराट को मामूली क्षति पहुंची है, कोई आग नहीं लगी और सभी 20 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं. जहाज स्थिर है, लेकिन तुर्की तट के पास धीमी गति से तट की ओर बढ़ रहा है. रूस ने इस घटना पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
Maritime drones managed to destroy one of the three oil loading berths of the Caspian Pipeline Consortium in the Novorossiysk area, according to the CPC.
The CPC press service reported that oil shipments have been suspended.
In addition, it is reported that the Russian shadow… pic.twitter.com/Ep9puv714j
— kolibri.93 (@viktorikolibri) November 29, 2025
वहीं यूक्रेन की सुरक्षा सेवाओं के अनुसार, ड्रोन हमले में दोनों रूसी जहाजों को गंभीर क्षति पहुंची है और वे प्रभावी रूप से निष्क्रिय हो गए हैं. इससे पहले विराट और काइरोस को शुक्रवार को भी निशाना बनाया गया था. काइरोस पर विस्फोट हुआ था, जिसके बाद उसके 25 क्रू मेम्बर्स को रेस्क्यू करना पड़ा था. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ये दोनों जहाज कहां जा रहे थे ये अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है. मैरीटाइम रिकॉर्ड से पता चलता है कि विराट काला सागर में आदेशों का इंतजार कर रहा था.
“This is VIRAT. Help needed! Drone attack! Mayday!”
The crew of the tanker VIRAT reported a drone attack on an open frequency. Clearly, they weren’t referring to regular drones, but to unmanned boats.
As a reminder, the tankers VIRAT and KAIROS were “exposed to external… pic.twitter.com/cQ7oXvljZ7
— Victor vicktop55 commentary (@vick55top) November 28, 2025
पहले किसी अन्य नाम से संचालित होने वाले जहाज विराट पर जनवरी में अमेरिका ने प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके बाद उसी वर्ष बाद में ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने भी इसी तरह की कार्रवाई की थी. एक यूक्रेनी अधिकारी ने कहा, ‘यह हमला रूस की वॉर फंडिंग क्षमता को कमजोर करने का हिस्सा है.’ तुर्की के अधिकारियों ने पुष्टि की कि रूसी जहाजों पर ये हमले तुर्की की मैरीटाइम बाउंड्री से बाहर हुए हैं. इस घटना ने काला सागर में तनाव बढ़ा दिया है, जहां यूक्रेन के ड्रोन हमले रूस की नौवहन क्षमता को चुनौती दे रहे हैं.
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