More
    Home Home CA छोड़ सिंगर बने जुस्थ, बॉलीवुड से क्यों बनाई दूरी? बोले- मेरे...

    CA छोड़ सिंगर बने जुस्थ, बॉलीवुड से क्यों बनाई दूरी? बोले- मेरे अंदर की आवाज…

    0
    14
    CA छोड़ सिंगर बने जुस्थ, बॉलीवुड से क्यों बनाई दूरी? बोले- मेरे अंदर की आवाज…


    दिग्गज सितारों से सजे साहित्य आजतक 2025 का आज दूसरा दिन है. नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में चलने वाले 3 दिन के कार्यक्रम में विभिन्न साहित्यिक सत्र आयोजित किए जा रहे हैं. ‘मेरी जीत भी लेजा…मेरी हार भी लेजा…’, गाने से लोगों को दीवाना बनाने वाले सिंगर जुस्थ ने साहित्य आज तक के दूसरे दिन अपनी गायकी से समां बांधा. उन्होंने स्टेज पर आते ही अपना मोस्ट वायरल गाना गाकर लोगों की एक्साइटमेंट को हाई कर दिया.

    क्या सोचकर गानों के लिरिक्स लिखते हैं जुस्थ?

    जुस्थ से पूछा गया कि उन्होंने वायरल गाने ‘चोर’ के लिरिक्स किससे इंस्पायर होकर लिखे हैं? जुस्थ बोले- मैं जब अपने गाने के रिव्यू पढ़ता हूं तो हर इंसान का नजरिया अलग दिखता है. मैं जब लिख रहा था तो मैंने हमेशा से सोचा था मैं इसी तरह से गाना बनाऊंगा कि लोग अपने मतलब खुद बनाएं. जब मैंने ये गाना लिखा और रिकॉर्ड किया और आज जब मैं देखता हूं तू मेरे लिए एक क्रिएटर के तौर पर भी इसके मतलब बदलते रहते हैं. जिस तरह के गाने मुझे पसंद हैं, उसमें एक तरह की जिंदगी है, जिसमें जिंदगी होती है लोग उसे अपना बनाते हैं. प्राचीन काल से देखें तो कबीर दास जी के दोहे इतने सालों से इसलिए चल रहे हैं, क्योंकि लोगों ने उन्हें अपना बनाया है. 

    कहां से आया जुस्थ के गानों में इतना दर्द?

    जुस्थ से आगे पूछा गया कि उनके गानों में दर्द दिखता है तो क्या ब्रेकअप हो गया है? सिंगर बोले- मैं लाइफ में खुशी, दर्द सब फील कर रहा हूं. एक सॉन्ग राइटर के तोर पर मैं अपने गानों में वही एक्सप्रेस करता हूं, जो मैं फील करता हूं उसे अपने गानो में डालता हूं.

    बातचीत के बीच जुस्थ ने फिर अपना दूसरा गाना गाया- हर शाम को मैं तन्हाई से मिलकर आता हूं…जुस्थ के इस खूबसूरत गाने में फैंस भी डूब गए. हर कोई उनके गाने और उसके हर एक शब्द को महसूस करता दिखा. दर्शकों ने भी उनके साथ सुर से सुर मिलाकर गाना गाया. 

    CA होने के बावजूद ‘चोर’ गाने के बारे में कैसे सोचा?

    ‘मैं स्ट्रगल को ग्लैमराइज नहीं करना चाहता है. लाइफ को लेकर मेरा विजन लॉन्ग टर्म है, इसलिए मैं आराम से चीजें करता हूं. मुझे खुद पर बहुत कॉन्फिडेंस है. मुझे लगता है कि अभी शुरुआत है आगे बहुत कुछ करना है. जब मैंने सोचा कि मुझे म्यूजिक में जाना है तो मेरे लिए जिंदगी को एक्सपीरियंस करना जरूरी था. मेरा मानना है कि मैं जो जीवन जी रहा हूं उसे लोगों तक एक्सप्रेस कर रहा हूं. मैं खुद पर काफी काम कर रहा था. मैं इमोशनल इंसान हूं. मैं चीजों को फील करता हूं.’  जुस्थ ने फिर बताया कि चोर गाने के 1 साल बाद उन्होंने गाना बनाया था- उनसे जाकर कह दो… उन्होंने अपने इस खूबसूरत गाने को गुनगुनाकर फैंस को गाकर भी सुनाया.

    ‘चोर’ गाने के हिट होने के बाद कितना प्रेशर था कि अगला गाना भी उतना ही सुपरहिट हो?

    ‘मैं जो महसूस करता हूं वही लिखता हूं. बॉलीवुड से जब ऑफर आए तो इसलिए मैं ज्यादा इंटरेस्टेड नहीं था. मुझे कई ऑफर आए. मैंने सभी ठुकरा दिए, क्योंकि मेरा अपना खुद का विजन है. मैं अपने रास्ते पर चलना चाहता हूं. मैं सिंगिंग में फेम के लिए नहीं आया. मेरा मानना है कि अगर मेरी किस्मत में कुछ लिखा है तो वो मुझे मिल ही जाएगा. वो कोई मुझसे छीन नहीं सकता.

    ‘मुझे एक्साइटमेंट नहीं हुई तो मैंने नहीं किया. हो सकता है कि आगे जाकर मैं कर लूं. मैंने असिस्टेंट डायरेक्टर का भी काम किया है. बहुत लोग मुझे पसंद हैं. लेकिन मेरे अंदर की जो आवाज है, मुझे उसे सस्टेन करना है, आगे 30-40 साल जितना भी मेरा जिंदगी में करियर है. मैं एक गाने के पीछे नहीं जा रहा. मेरा विजन है, जिसपर मुझे लंबा चलना है. मैं अपने अंदर की आवाज को सुनता हूं. मेरे अंदर की आवाज को मैं छोटा नहीं करूंगा. अगर मेरे अंदर की आवाज मुझे किसी को चुनने के लिए मना करेगी तो मैं वो नहीं करूंगा, क्योंकि मेरे अंदर की आवाज ही मुझे यहां लेकर आई है.  

    परिवार का कितना मिला सपोर्ट?

    जुस्थ से पूछा गया कि उन्होंने कहा कि वो पैसे के लिए म्यूजिक में नहीं हैं तो फिर सर्वाइव करने के लिए क्या करते हैं? इसपर जुस्थ बोले- हर किसी के हालात अलग हैं. मैं अपनी अंदर की आत्मा पर भरोसा रखता हूं. घरवालों ने एक स्टेज तक मुझे सपोर्ट किया. मुझे कुछ स्कॉलरशिप मिलीं. मुझे पैसा मिला गया. यूनिवर्स मेरे लिए काइंड रहा है. ये मेरी जर्नी रही है. मैं किसी और के लिए नहीं बोल सकता.

    घरवालों को क्या इस बात से दिक्कत थी कि वो CA छोड़कर म्यूजिक में आए?
    इसपर जुस्थ बोले- मैं अपने पेरेंट्स का शुक्रगुजार हूं. मेरे पेरेंट्स ने मुझे पूरी आजादी दी है. मैं इंटेलीजेंट था. मेरे पढ़ाई में नंबर आ गए तो मैंने सीए कर लिया. लेकिन मेरा इंटरेस्ट गायकी में था. मैं अपने अंदर की आवाज ढूंढ रहा था. मेरे पेरेंट्स ने मुझे काफी सपोर्ट किया है. उन्होंने कभी मुझपर सवाल नहीं उठाए. 

    जुस्थ ने अपने सेशन का अंत भी अपने मोस्ट वायरल सॉन्ग ‘कल रात आया मेरे घर एक चोर…’ के साथ किया. स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी जुस्थ के गाने पर थिरकने पर मजबूर हो गए. जुस्थ की जिंदगी की कहानियों के साथ उनकी गायकी ने हर किसी का दिल जीत लिया. 

    —- समाप्त —-



    Source link

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here