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    Mangal Rashi Parivartan 2025: मंगल का राशि परिवर्तन कल, इन 4 राशि वालों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन

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    Mangal Rashi Parivartan 2025: मंगल का राशि परिवर्तन कल, इन 4 राशि वालों के शुरू होने वाले हैं अच्छे दिन


    Mangal rashi Parivartan 2025: 13 सितंबर को मंगल कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करने वाला है. मंगल की यह स्थिति मध्यम फलदायी मानी जा रही है. इस राशि परिवर्तन के बाद मंगल सीधे देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव में आ जाएंगे. मंगल की यह स्थिति 27 अक्टूबर तक बनी रहेगी. यानी दिवाली तक मंगल पर गुरु की सीधी दृष्टि रहेगी. इस स्थिति में मंगल विशेष प्रभाव पैदा कर सकता है.

    मंगल गोचर का देश-दुनिया पर असर
    मंगल के इस राशि परिवर्तन के समय मेष लग्न उदित हो रहा है. सूर्य-बुध, राहु-केतु के अक्ष में विद्यमान हैं. चन्द्रमा, शनि के प्रभाव में विद्यमान हैं. संघट चक्र में मंगल का संबंध राहु के साथ बन जाएगा. इससे वाद-विवाद, दुर्घटनाएं जैसी स्थिति बन सकती है. अग्नि और वायु से संबंधित आपदाएं आ सकती हैं. भारत में आंतरिक अशांति फैल सकती है. राजनैतिक रूप से उथल-पुथल हो सकती है.

    मंगल गोचर का राशियों पर असर
    मंगल का यह राशि परिवर्तन बहुत तेजी से प्रभाव दिखा सकता है. वृष, सिंह, धनु और मकर राशि के लिए मंगल का यह गोचर शुभ है. इन जातकों के रुके हुए काम पूरे होंगे. प्रत्येक कार्य में सफलता मिलेगी. हालांकि इन्हें भी आकस्मिक दुर्घटनाओं का ध्यान रखना होगा. आर्थिक मोर्चे पर भी इन राशि के जातकों का भाग्य खूब साथ देगा. बृहस्पति की सीधी दृष्टि होने के कारण दिवाली खूब लाभ मिलेगा.

    वहीं मेष, मिथुन, तुला और कुंभ राशि के लोगों के लिए यह गोचर पीड़ादायक हो सकता है. इन राशियों के जातक अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें. करियर-कारोबार में समस्या हो सकती है. धनधान्य के मामले में विशेष सावधानी बरतनी होगी. कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन राशि वाले जातक भी अपने पारिवारिक जीवन और कारोबार का ध्यान रखें. दुर्घटना, शल्य चिकित्सा और मुकदमेबाजी आदि समस्याओं से बचें.

    मंगल के दुष्प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय
    मंगल का यह यह राशि परिवर्तन कर्क, कन्या, वृश्चिक और मीन के लिए ज्यादा प्रतिकूल है. ऐसे में इन राशियों के जातक कहीं भी जरा सा जोखिम हो तो बचने का प्रयास करें. इस समय नित्य प्रातः सूर्य देव को जल अर्पित करें. सुबह और शाम एक एक बार “संकटमोचन हनुमानाष्टक” का पाठ करें.  संभव तो नियमित रूप से गुड़ का दान करें. लाल रंग की वस्तुओं से इस समय परहेज करें.

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