प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला. कांग्रेस ने कहा कि चीन की लगातार शत्रुतापूर्ण कार्रवाइयों के बावजूद पीएम मोदी चीन के सामने मजबूती से खड़े नहीं हुए.
तिआनजिन में हुए शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और शी जिनपिंग की मुस्कान भरी मुलाकात और गर्मजोशी भरे हैंडशेक पर कांग्रेस ने तंज कसते हुए लिखा कि चीन ने गलवान घाटी में हमारे 20 जांबाज सैनिकों की जान ले ली. ऑपरेशन सिंदूर के वक्त चीन खुलकर पाकिस्तान का साथ दे रहा था. चीन ने पाकिस्तान को लाइव अपडेट दिए. चीन की इन नापाक हरकतों पर नरेंद्र मोदी ने सख्त कदम उठाया और मुस्कुराते हुए चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग से हाथ मिलाया.
बता दें कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी कई बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगा चुके हैं कि वह चीन से डरते हैं और उसकी आक्रामकता का सही ढंग से सामना नहीं कर पा रहे.
राहुल गांधी पहले भी सवाल उठा चुके हैं कि चीन ने कथित तौर पर 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय जमीन पर कब्ज़ा कर लिया, लेकिन सरकार चुप है.
कांग्रेस ने इस हालात को 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद सबसे बड़ा झटका बताया था. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार कायरता और गलत आर्थिक नीतियों की वजह से चीन जैसे विरोधी देश के साथ भी रिश्ते सामान्य करने की कोशिश कर रही है.
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक में कहा कि भारत रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. शी जिनपिंग ने भारत को महत्वपूर्ण मित्र बताते हुए कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए.
यह सात साल बाद पीएम मोदी की पहली चीन यात्रा है, जिसमें उनके साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और एशिया-मध्य पूर्व के कई नेता भी मौजूद रहेंगे. यह बैठक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ़ दबाव के खिलाफ वैश्विक दक्षिण की एकजुटता को दर्शाती है. पीएम मोदी-जिनपिंग की वार्ता ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका ने भारत के रूसी तेल खरीदने पर आपत्ति जताते हुए भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ़ लगाने का ऐलान किया है.
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