देश भर में 27 अगस्त से गणेशोत्सव का पर्व धूम-धाम से मनाया जा रहा है. विघ्नों के विनाशक तथा सुख, समृद्धि, बुद्धि और विद्या के देवता भगवान गणेश के प्रति लोगों में अपार आस्था है. विघ्नहर्ता के प्रति लोगों की ये आस्था केवल भारतवासी या हिंदुओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इनके प्रति भक्ती का प्रमाण हजारों किलोमीटर दूर बसे लंदन में भी देखने को मिलती है. जी हां, इसका एक जीता जागता प्रमाण ब्रिटिश लग्ज़री कार निर्माता के प्रतीकचिन्ह यानी लोगो (Logo) में देखा जा सकता है.
कौन सी है कंपनी?
आमतौर पर कार कंपनियां अपने नाम (ब्रांड नेम) के शुरुआती अक्षर (लैटर) का इस्तेमाल अपने लोगो के रूप में करती हैं. जैसे टाटा, महिंद्रा, रोल्स रॉयस इत्यादि. यहां तक कि कुछ निर्माता किसी ख़ास विषय-वस्तु को भी अपने लोगो का हिस्सा बनाते हैं. लेकिन एक ब्रिटिश ऑटोमोटिव इंजीनियरिंग कंपनी लान्ज़ांते (Lanzante) ने अपने ब्रांड के लिए भगवान गणेश की प्रतिमा का चुनाव किया.
कार कंपनी के लोगो पर नजर डालें तो, दोनों पैर मोड़कर पद्मासन मुद्रा में बैठे भगवान गणेश के चारों हाथ खुले हुए हैं. सिर पर फूलों के मुकुट जैसी आकृति बनी हुई है. गले में फूलों का हार है जो भगवान के लंबे उदर तक लटक रहा है. भगवान गणेश के रूप में बनाए गए लान्ज़ांते ब्रांड के इस लोगों को कंपनी न केवल अपने वाहनों पर बल्कि शोरूम और हेडक्वॉर्टर की बिल्डिंगों पर भी दिखाती है.
क्या करती है कंपनी
लान्ज़ांते बेहतरीन डिज़ाइन और शानदार तरीके से तैयार की गई कारों का निर्माण करती है, खासतौर पर उन कलेक्टर्स और कार प्रेमियों के लिए जो किसी ख़ास डिज़ाइन की तलाश में रहते हैं. लान्ज़ांते की स्थापना 1970 के दशक में पॉल लान्ज़ांते ने की थी. शुरुआती दौर में कंपनी का ध्यान ऐतिहासिक कारों की रिस्टोरिंग पर था, जिन्हें मॉडिफाई कर रेसिंग ट्रैक के लिए तैयार किया जाता था.
Logo में भगवान गणेश की छवि
बताया जाता है कि, पॉल लान्ज़ांते को इस लोगो का सुझाव बीटल्स बैंड के मेंबर जॉर्ज हैरिसन ने दिया था, जो गणेश जी को सौभाग्य का प्रतीक और विघ्नहर्ता मानते थे. भगवान गणेश के प्रति उनकी आस्था भी थी. यही वजह है कि जब हैरिसन ने अपने घनिष्ठ मित्र पॉल लान्ज़ांते को भगवान गणेश को कार कंपनी के लोगो के रूप में प्रयोग करने के लिए सुझाव दिया तो वो मान गए.
लान्ज़ांते ने जीती दुनिया की सबसे मुश्किल रेस
लान्ज़ांते न केवल लग्ज़री स्पोर्ट कारों का निर्माण करती है बल्कि मोटरस्पोर्ट की दुनिया में भी ये एक जानामाना नाम है. लान्ज़ांते मोटरस्पोर्ट ने कार बिजनेस में उतरने से पहले 1995 में दुनिया की सबसे चुनौतीपुर्ण रेसों में एक ले मैन रेस (Le Mans Race) में भी हिस्सा लिया था. लान्ज़ांते ने कोकुसाई कैहात्सु रेसिंग के नाम से मैकलेरन ऑटोमोटिव के लिए मैकलेरन एफ1 जीटीआर कार के साथ लगातार 24 घंटे तक चलने वाली इस रेस में जीत दर्ज की थी. ऐसा पहली बार था कि जब किसी ने पहले प्रयास में ये रेस जीता था, ये एक ऐसा कारनामा था जो आज तक दोहराया नहीं गया है.
इंग्लैंड के पीटर्सफील्ड बेस्ड लान्ज़ांते दुनिया की सबसे मशहूर सुपरकार ब्रांड्स, जैसे मैकलेरन, पगानी और पोर्शे पर बेस्ड स्पेशल कमीशन कारों को तैयार करने में माहिर है. इसके साथ ही यह कंपनी हाई परफॉर्मेंस और ऐतिहासिक रोड व ट्रैक कारों के मेंटनेंस की जिम्मेदारी भी संभालती है.
1980 के दशक में लान्ज़ांते ने हैरिसन की मशहूर रैडफोर्ड मिनी कार को को भी रिस्टोर किया था. लान्ज़ांते की यह कहानी न केवल मोटरस्पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग की दुनिया में उसके योगदान को दिखाती है, बल्कि कंपनी के मालिक के भगवान गणेश के प्रति आस्था को भी जाहिर करती है.
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